राफा सीजफायर टूटते ही गाजा में इजराइल का हमला, हमास और इस्लामिक जिहाद के कमांडर ढेर
इजराइल का दावा है कि इस हफ्ते की शुरुआत में हथियारबंद आतंकियों ने सीजफायर के बावजूद इजराइली सैनिकों पर फायरिंग की थी. इसे समझौते का खुला उल्लंघन बताया गया है.
इजराइल और गाजा के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. इजराइली सेना (IDF) ने गाजा पट्टी में कई ठिकानों पर हवाई और जमीनी हमले किए हैं. इन हमलों में हमास और इस्लामिक जिहाद के कई आतंकियों के मारे जाने की खबर है, जिनमें कुछ सीनियर कमांडर भी शामिल बताए जा रहे हैं.
सीजफायर उल्लंघन बना कार्रवाई की वजह
आईडीएफ के अनुसार, यह कार्रवाई पश्चिमी राफा में हुए सीजफायर उल्लंघन के जवाब में की गई. इजराइल का दावा है कि इस हफ्ते की शुरुआत में हथियारबंद आतंकियों ने सीजफायर के बावजूद इजराइली सैनिकों पर फायरिंग की थी. इसे समझौते का खुला उल्लंघन बताया गया है.
गाजा के साथ-साथ लेबनान में भी ऑपरेशन
गाजा में कार्रवाई के अलावा इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में भी हमले किए हैं. यहां हिज्बुल्लाह से जुड़े हथियार भंडारण केंद्रों और आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया. आईडीएफ का कहना है कि हमले से पहले आम नागरिकों को नुकसान से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए गए.
इजराइल का आरोप: समझौते का उल्लंघन
इजराइल का दावा है कि जिन जगहों पर हमले किए गए, वहां हिज्बुल्लाह की गतिविधियां लंबे समय से चल रही थीं. सेना के मुताबिक, हथियार छिपाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे शाफ्ट और सैन्य ठिकाने इजराइल-लेबनान सीजफायर समझौते का उल्लंघन हैं.
नवंबर 2024 के बाद बढ़ी हिंसा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नवंबर 2024 में हुए सीजफायर के बाद से अब तक इजराइली हमलों में करीब 400 हिज्बुल्लाह ऑपरेटिव मारे जा चुके हैं और सैकड़ों ठिकानों को निशाना बनाया गया है. हालांकि लेबनान सरकार का दावा है कि लितानी नदी के दक्षिण में हिज्बुल्लाह को निरस्त्र कर दिया गया है, लेकिन इजराइल इस दावे से सहमत नहीं है.
लगातार हो रही इन सैन्य कार्रवाइयों से साफ है कि सीजफायर के बावजूद हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं. गाजा और लेबनान दोनों मोर्चों पर बढ़ता तनाव पूरे पश्चिम एशिया की स्थिरता के लिए चिंता का विषय बना हुआ है.