ISIS Leader Wife Sentenced: इराक की एक अदालत ने ISIS के पूर्व प्रमुख आतंकी अबू बकर अल-बगदादी की पत्नी अस्मा मोहम्मद को फांसी की सजा सुनाई है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अस्मा मोहम्मद को यजीदी महिलाओं के अपहरण में अपने पति का साथ देने का दोषी पाया गया है. अबू बकर अल-बगदादादी 2014 से ISIS का प्रमुख था लेकिन साल 2019 में एक स्पेशल ऑपरेशन में अमेरिका ने सीरिया में उसे मार डाला था. इराक की सुप्रीम ज्यूडिशियल काउंसिल ने कहा कि अस्मा को आतंकवाद विरोधी कानून के तहत अरेस्ट किया गया है.
बगदादी की पत्नी अस्मा ने यजीदी महिलाओं को अपने घर में छुपाया और बाद में उन्हें ISIS को सौंप दिया. साल 2014 में उसने कई महिलाओं को जबरन देह व्यापार में धकेल दिया था. बगदादी ने इसी साल इस्लामिक स्टेट की बुनियाद रखी थी. इसके बाद उसने सीरिया और इराक के बड़े इलाके पर कब्जा जमा लिया था.
बगदादी का जन्म इराक के समाराई शहर में एक सुन्नी परिवार में हुआ था. बगदादी का असली नाम इब्राहिम अल-बद्री था. उसे बचपन से ही धार्मिक चीजों से अधिक लगाव था. बगदाद यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन और पीएचडी की डिग्री हासिल करने के बाद उसने कई वर्षों तक एक इमाम के तौर पर भी काम किया. साल 2003 में अमेरिका ने इराक पर हमला करके तानाशाह सद्दाम हुसैन का तख्तापलट किया. बगदादी ने इसे इराक के लिए एक बड़ा खतरा माना और बदला लेने की ठान ली. इसके बाद उसने एक छोटा आतंकी संगठन बनाया और पश्चिम के देशों को निशाना बनाना शुरू कर दिया.
बगदादी को साल 2004 में अमेरिकी सेना ने गिरफ्तार कर लिया और 10 माह तक अपनी कैद में भी रखा. हालांकि बाद में उसे रिहा कर दिया गया. रिहाई के बाद वह अल-कायदा में शामिल हो गया. साल 2006 में वह अल कायदा -इराक के संगठन शूरा काउंसिल से जुड़ गया. इसी वर्ष यह संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक में बदल गया और बगदादी उसके सलाहकार शूरा काउंसिल का हिस्सा बन गया. यूएस ने साल 2010 में इस संगठन के नेता अबू उनर अल-बगदादी और उसके करीबियों को मार डाला. इसके बाद बगदादी इसका प्रमुख बना. यहीं से इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक का प्रसार शुरु हुआ.