अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर खत्म होने में अब कुछ ही समय बचा है. हालांकि इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कूटनीतिक बातचीत का संकेत दिया है. उन्होंने कहा कि अगर वर्तमान प्रयासों से कोई सकारात्मक नतीजा निकला तो वे ईरान के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के लिए तैयार हैं.
ट्रंप ने 'द न्यूयॉर्क पोस्ट' से बात करते हुए पुष्टि की है कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और सलाहकार जेरेड कुशनर समेत अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान के लिए रवाना हो चुका है. हालांकि ईरान की ओर से अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने सेकेंड राउंड बातचीत को लेकर कहा कि वे अभी जा रहे हैं. इस्लामाबाद समय के हिसाब से आज रात पहुंच जाएंगे. हालांकि एक दिन पहले उन्होंने जेडी वेंस के पाकिस्तान न जाने का बयान दिया था. इसके विपरीत रॉयटर्स और एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि वेंस अभी भी अमेरिका में हैं और उन्होंने यात्रा नहीं की है. इस विरोधाभास ने कूटनीतिक गतिविधियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. वहीं एक ओर जहां अमेरिकी टीम दूसरे दौर की बातचीत के लिए पाकिस्तान पहुंच रही है, वहीं ईरान ने अपनी भागीदारी की पुष्टि नहीं की है. उलटे तेहरान इस प्रक्रिया से पीछे हटता दिख रहा है.
ईरान के सरकारी मीडिया ने स्पष्ट किया कि अगले दौर में शामिल होने की कोई योजना नहीं है. सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने कहा कि फिलहाल ईरान-अमेरिका वार्ता के अगले दौर में भाग लेने का कोई इरादा नहीं है. आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए ने कारण बताते हुए कहा कि वाशिंगटन की अत्यधिक मांगें, अवास्तविक अपेक्षाएं, रुख में बार-बार बदलाव, विरोधाभासी बयान और जारी नौसैनिक नाकाबंदी के चलते यह फैसला लिया गया है.
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी अमेरिका के रवैये की आलोचना की. पिछले हफ्ते इस्लामाबाद में हुई अमेरिका-ईरान की सीधी बातचीत का पहला दौर 21 घंटे से ज्यादा चला, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका. इसके बाद एक बार फिर से बातचीत का दावा किया जा रहा है. हालांकि इसमें कितनी सच्चाई है यह बात अभी फाइनल नहीं हो पाई है.