दुनिया के सामने झूठे दावे कर रहे ट्रंप? खुफिया रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, ईरान के पास अब भी 30 मिसाइल साइट्स एक्टिव!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से कई बार दावे किए गए हैं कि अमेरिका द्वारा किए गए हमले में ईरान की सैन्य क्षमता तबाह हो चुकी है. हालांकि अब सामने आ रहे खुफिया रिपोर्ट ने अलग दावे किए हैं.

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Shanu Sharma

अमेरिका और ईरान में जारी तनाव के बीच अमेरीकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार दावा किया है कि उन्होंने ईरान की सैन्य क्षमता को लगभग खत्म कर दिया है. हालांकि खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप के ये दावे पूरी तरह से फेल हैं. अमेरिकी इंटेलिजेंस एजेंसियों के खुफिया रिपोर्ट से यह पता चला है कि ईरान के पास अभी भी भारी संख्या में मिसाइल मौजूद है. 

खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास मौजूद 33 मिसाइल साइट्स में से 30 अभी भी एक्टिव है. ऐसे में अगर एक बार फिर से दोनो देशों के बीच युद्ध बढ़ता है तो ये मिसाइल अमेरिकी युद्धपोतों और तेल टैंकरों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है.

खुफिया रिपोर्ट में हुए बड़े खुलासे

अमेरिका के खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने अभी भी अपने 70 फीसदी मिसाइल लॉन्चर और प्री-वॉर मिसाइल स्टॉक भी बचा रखा है. जिसमें कुछ बैलिस्टिक मिसाइलें भी शामिल है. ईरान इन मिसाइलों की मदद से पूरे मिडिल ईस्ट को तबाह कर सकता है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कई बार यह दावा किया है कि अमेरिका कभी भी ईरान को अंधेर में डूबा सकते हैं. उनकी सैन्य क्षमता पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है. लेकिन अमेरिका उस लेवल पर हमले कर नहीं पा रहा है. इसके पीछे यह बताया जा रहा है कि अमेरिका भले ही दुनिया के सामने बड़े-बड़े दावे कर रहा हो, लेकिन उसे भी पता है कि ईरान के पास अभी भी भारी मात्रा में मिसाइल और हथियारों के स्टॉक मौजूद है. 

अमेरिका और ईरान में किसका ज्यादा नुकसान?

इस युद्ध में अमेरिका की ओर से लॉन्ग-रेंज क्रूज मिसाइलें, लॉन्ग-रेंज क्रूज मिसाइलें और पैट्रियट इंटरसेप्टर जैसे बड़े-बड़े हथियार इस्तेमाल किए गए, जिससे उनका स्टॉक काफी कम हुआ है. वहीं ईरान ने छोटे-छोटे हथियारों का इस्तेमाल किया है, ये मिसाइलें अमेरिका से कई  गुना ज्यादा सस्ती है. ऐसे में अमेरिका का नुकसान ईरान से कई गुना ज्यादा हो चुका है. अमेरिका के जो हथियार के स्टॉक खत्म हुए हैं, उसे वापस लाने में सालों का समय लग सकता है. लेकिन इस रिपोर्ट के बाद भी अमेरिका अपने पुराने दावों पर अड़िग है.

चीन के दौरे पर ट्रंप

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने इन दावों को लेकर कहा कि जो भी यह दावा कर रहा है कि ईरान के पास मजबूत सैन्य क्षमता है, वह या तो भ्रम में है या फिर जानकर ऐसे अफवाहों को हवा दे रहा है. हालांकि आपको बता दें कि जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप इस वक्त चीन दौरे पर हैं. कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि ट्रंप इस यात्रा के दौरान ईरान के साथ युद्ध खत्म करने में चीन से मदद मांगेंगे. इस वक्त ईरान केवल चीन की बात मान रहा है, ऐसे में ट्रंप अपनी आखिरी कोशिश के लिए चीन की यात्रा पर निकले हैं.