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ईरान की 5 महिला खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया में मिली शरण, डोनाल्ड ट्रंप ने लगाई थी मदद की गुहार

ईरान में चल रहे तनाव के बीच महिला फुटबॉल टीम को लेकर चर्चा तेज है. इन खिलाड़ियों ने ईरान का राष्ट्रगान ना गाकर विरोध जताया, जिसके बाद यह मामला तूल पकड़ लिया.

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Edited By: Shanu Sharma
ईरान की 5 महिला खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया में मिली शरण, डोनाल्ड ट्रंप ने लगाई थी मदद की गुहार
Courtesy: X (@realMaalouf, @Osint613)

ईरान में चल रहे तनाव के बीच वहां की महिला फुटबॉल टीम का मुद्दा सुर्खियों में है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रिक्वेस्ट के बाद टीम के पांच सदस्यों को ऑस्ट्रेलिया ने शरण दे दी है. ऑस्ट्रेलिया सरकार द्वारा यह फैसला एशियन कप टूर्नामेंट के बाद लिया गया.

इस पूरे मामले को बेहतर तरीके से समझने के लिए हम पूरी कहानी को शुरू से जानते हैं. ईरान पर इजरायल और अमेरिका द्वारा हमला तो जारी है, साथ में देश के अंदर भी कुछ लोग प्रशासन के प्रति नाराज हैं. खास कर महिलाएं अपने ऊपर लगाई जा रही पाबंदियों से नाखुश हैं, जिसका असर अलग-अलग मौकों पर देखने को मिलता रहता है. 

ऑस्ट्रेलिया में एशियन कप खेलने आई थी खिलाड़ी

ईरान में जंग के माहौल के बीच वहां की महिला फुटबॉल टीम ऑस्ट्रेलिया में एशियन कप खेलने आई थी. जानकारी के मुताबिक टूर्नामेंट के शुरुआती मैच में खिलाड़ियों ने ईरान का राष्ट्रगान नहीं गाया. उन्होंने चुपचाप खड़े रहकर विरोध जताया. जिसके बाद ईरानी राज्य मीडिया ने उन्हें 'देशद्रोही' करार दिया. अब इन खिलाड़ियों का देश में वापस जाना सेफ नहीं बताया जा रहा था. हालांकि खेल के खत्म होने के बाद कुछ खिलाड़ी वापस लौट गईं, लेकिन पांच खिलाड़ियां ऑस्ट्रेलिया में रुक गईं. उन्होंने वहां के सरकार से शरण मांगी. जिसके बाद पुलिस ने उन्हें सुरक्षित जगह पहुंचाया. इस पूरे मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अहम भूमिका निभाई.

डोनाल्ड ट्रंप ने शेयर किया पोस्ट 

ट्रंप ने सोमवार को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट शेयर किया. जिसमें उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया ईरानी महिला फुटबॉल टीम को वापस भेजकर बड़ी मानवीय गलती कर रहा है. वहां उनकी जान खतरे में है. उन्होंने आगे लिखा कि प्रधानमंत्री, उन्हें शरण दें. अगर आप नहीं देंगे तो अमेरिका उन्हें लेगा.

ट्रंप ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज से भी फोन पर बात की. जिसके बाद ट्रंप ने दूसरा पोस्ट शेयर किया. जिसमें उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री इस नाजुक स्थिति को अच्छे से संभाल रहे हैं. पांच खिलाड़ियों का काम हो गया, बाकी रास्ते में हैं. ऑस्ट्रेलिया सरकार ने पांच खिलाड़ियों को मानवीय वीजा दे दिया. प्रधानमंत्री अल्बनीज ने कहा कि ये बहादुर महिलाएं यहां सुरक्षित हैं. उन्हें घर जैसा महसूस होना चाहिए. सरकार ने बाकी टीम सदस्यों को भी मदद का ऑफर दिया.