'युद्ध के लिए तैयार'... ईरान की अमेरिका को दो टूक, शर्तें पूरी होने तक नहीं होगा अंतिम समझौता

पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है. ईरान ने अमेरिका को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि जब तक एमओयू की सभी शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक किसी अंतिम समझौते पर बातचीत नहीं होगी.

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Reepu Kumari

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी एक बार फिर तेज हो गई है. ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MOU) की सभी शर्तों का पालन नहीं होगा, तब तक किसी अंतिम समझौते पर बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी. इस बयान के बाद क्षेत्रीय हालात पर दुनिया की नजरें टिक गई हैं. ईरानी संसद के स्पीकर और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालीबफ ने कहा कि अमेरिका यदि अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करता, तो ईरान हर स्थिति के लिए तैयार है. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा दौर की बातचीत अंतिम समझौते की नहीं, बल्कि एमओयू के क्रियान्वयन की प्रक्रिया पर केंद्रित है.

ईरान ने अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी

टेलीविजन इंटरव्यू में मोहम्मद बागेर गालीबफ ने कहा कि यदि दूसरा पक्ष एमओयू का पालन नहीं करता है तो ईरान युद्ध जैसी स्थिति का सामना करने के लिए भी तैयार है. उन्होंने आरोप लगाया कि हालिया संघर्ष समाप्त करने वाले समझौते का अमेरिका ने पूरी तरह पालन नहीं किया. इसी कारण अंतिम समझौते की दिशा में कोई प्रगति संभव नहीं है.

14 सूत्रीय एमओयू पर टिकी पूरी प्रक्रिया

ईरान के अनुसार दोनों देशों के बीच फिलहाल 14 बिंदुओं वाले एमओयू को लागू करने पर काम चल रहा है. गालीबफ ने कहा कि इस समझौते के तहत नौसैनिक नाकाबंदी हटाई गई, जिसे उन्होंने ईरान की बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया. उनका दावा है कि इसके बाद ईरान 4 करोड़ बैरल से अधिक तेल का निर्यात कर चुका है.


होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी सख्त रुख

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी अपना रुख दोहराया. गालीबफ ने कहा कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर ईरान और ओमान का संप्रभुत्व है. उन्होंने कहा कि एमओयू की 60 दिन की अवधि पूरी होने के बाद यहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूला जाएगा. इसे लेकर ईरान ने अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं.

दोहा में जारी है केवल तकनीकी स्तर की चर्चा

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बागई ने कहा कि अगले कुछ दिनों में अमेरिकी अधिकारियों के साथ कोई राजनीतिक बैठक तय नहीं है. उनके मुताबिक दोहा में केवल एमओयू के क्रियान्वयन और ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को जारी करने से जुड़े तकनीकी मुद्दों पर चर्चा चल रही है.

कतर ने भी दी बातचीत की पुष्टि

कतर ने भी पुष्टि की है कि दोहा में ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच तकनीकी स्तर की बातचीत जारी है. हालांकि फिलहाल किसी उच्च स्तरीय राजनीतिक वार्ता की योजना नहीं है. ऐसे में दोनों देशों के बीच अंतिम समझौते की राह अभी भी शर्तों और आपसी विश्वास पर निर्भर दिखाई दे रही है.