ईरान पर मंडरा रहा खतरा, अगले कुछ दिन में बड़ा धमाका; क्या सच होने वाली है जिंदा नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी?
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ब्राजील के भविष्यवक्ता एथोस सालोमे की भविष्यवाणी चर्चा में है. हालांकि एक्सपर्ट इन दावों को वैज्ञानिक आधार से रहित मानते हैं और इसे सिर्फ अनुमान बताते हैं.
दुनिया भर में इस समय ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर नजर बनी हुई है. इसी बीच ब्राजील के भविष्यवक्ता एथोस सालोमे एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं. उन्हें जिंदा नास्त्रेदमस भी कहा जाता है और उनकी कथित भविष्यवाणियों को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है.
एथोस सालोमे ने पहले ही संकेत दिया था कि दुनिया एक अदृश्य युद्ध के कगार पर है. उनके मुताबिक मिडिल ईस्ट में अस्थिरता बढ़ेगी और समाज डिजिटल दबाव में टूटता नजर आएगा. ईरान में हालिया विरोध प्रदर्शन, इंटरनेट ब्लैकआउट और अमेरिका के साथ तनाव को उनके समर्थक इसी भविष्यवाणी से जोड़ रहे हैं.
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव
ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है. बातचीत के प्रयासों के बावजूद स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है. अमेरिका ने चेतावनी दी है कि अगर बातचीत असफल होती है तो वह कड़े कदम उठा सकता है. वहीं ईरान भी जवाबी कार्रवाई की बात कह चुका है. इस माहौल में किसी भी छोटी घटना के बड़े संघर्ष में बदलने का खतरा बना रहता है.
सालोमे की भविष्यवाणी में यह भी कहा गया है कि आने वाले संघर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ड्रोन वॉरफेयर का इस्तेमाल बढ़ेगा. हालांकि यह बात आंशिक रूप से आधुनिक युद्ध की वास्तविकता से मेल खाती है, लेकिन इसे किसी खास घटना की भविष्यवाणी मानना सही नहीं माना जाता.
2026 को लेकर किए हैं ये दावे
भविष्यवक्ता ने 2026 के लिए कई अन्य दावे भी किए हैं. इनमें एक बड़े सोलर स्टॉर्म की आशंका जताई गई है, जो बिजली व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है. इसके अलावा उन्होंने वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में बदलाव और डॉलर की भूमिका कम होने जैसी बातें भी कही हैं.
एक्सपर्ट का कहना है कि इस तरह की भविष्यवाणियों का कोई ठोस वैज्ञानिक आधार नहीं होता. नास्त्रेदमस की तरह ही इन भविष्यवाणियों की भाषा भी अस्पष्ट होती है, जिसे अलग अलग घटनाओं से जोड़ा जा सकता है. वैज्ञानिक इन दावों को महज संयोग या अनुमान मानते हैं.
जब दुनिया में पहले से ही तनाव का माहौल हो, तब इस तरह की भविष्यवाणियां लोगों में डर और चिंता बढ़ा देती हैं. सोशल मीडिया पर तेजी से फैलती जानकारी भी इन अफवाहों को और मजबूत बना देती है.