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ईरान के सुप्रीम लीडर का कैसे हुआ अंत? जानिए मौत से पहले क्या कर रहे थे अयातुल्ला खामेनेई, खौफनाक है ऑपरेशन की पूरी कहानी

इजरायल-अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर का अंत हो गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार 86 वर्षीय खामेनेई शनिवार की सुबह अपने घर के ऑफिस में काम कर रहे थे. उन्हें किसी हमले की कोई भनक नहीं थी.

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नई दिल्ली: ईरान के सुप्रीम लीडर और राजनीतिक नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है. ईरानी राज्य मीडिया ने इसकी पुष्टि की है कि अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में शनिवार सुबह तेहरान में उनके आवासीय परिसर में बने ऑफिस में वे मौजूद थे, तभी मिसाइल हमला हुआ और उनकी मौत हो गई. यह घटना पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा रही है.

ईरान के सुप्रीम लीडर का कैसे हुआ अंत?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 86 वर्षीय खामेनेई शनिवार की सुबह अपने घर के ऑफिस में काम कर रहे थे. उन्हें किसी हमले की कोई भनक नहीं थी. इजरायल और अमेरिका ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम से बड़े पैमाने पर हवाई हमला शुरू किया. इस ऑपरेशन में इजरायली फाइटर जेट्स और अमेरिकी मिसाइलों ने तेहरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें खामेनेई का आवासीय परिसर भी शामिल था. हमले के दौरान पूरा इलाका धुएं और आग से भर गया. खामेनेई के ऑफिस पर सीधा मिसाइल प्रहार हुआ, जिससे वहां मौजूद वे और उनके कुछ परिवारजन मारे गए. 

जानिए मौत से पहले क्या कर रहे थे अयातुल्ला खामेनेई

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में खामेनेई की बेटी, दामाद और पोती भी मारे गए. इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर दावा किया कि खामेनेई का सफाया हो चुका है. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि यह हमला ईरान के खतरनाक रेजीम को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम है और बमबारी जारी रहेगी. 


40 दिनों का राजकीय शोक घोषित

ईरान सरकार ने इस घटना पर 40 दिनों का राजकीय शोक घोषित कर दिया है. इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने जवाबी कार्रवाई की कसम खाई है और कहा है कि यह 'इतिहास की सबसे भयानक जवाबी कार्रवाई' होगी. ईरान ने इजरायल, अमेरिकी ठिकानों और क्षेत्रीय देशों पर मिसाइलें दागी हैं, जिससे मध्य पूर्व में युद्ध का खतरा बढ़ गया है. खामेनेई 1989 से ईरान के सुप्रीम लीडर थे और अमेरिका-इजरायल के खिलाफ कड़ी नीति के लिए जाने जाते थे. उनकी मौत से ईरान में सत्ता का संकट पैदा हो सकता है, क्योंकि कोई स्पष्ट उत्तराधिकारी नहीं है. 

कंपाउंड के मलबे से बरामद हुई खामेनेई की बॉडी

यह हमला 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के नाम से जाना जा रहा है, जो अमेरिका और इजरायल की मिली-जुली सैन्य कार्रवाई थी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले की शुरुआत की घोषणा की और कहा कि यह ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम, बैलिस्टिक मिसाइलों और रेजीम को खत्म करने के लिए है. रिपोर्ट्स के अनुसार खामेनेई की बॉडी उनके कंपाउंड के मलबे से बरामद हुई. इजरायली अधिकारियों को पहले से इसकी जानकारी थी. 

हमले में अब तक 200 से ज्यादा लोग मारे गए

हमले में ईरान के डिफेंस मिनिस्टर अजीज नसीरजादेह और IRGC कमांडर मोहम्मद पाकपुर की भी मौत हुई. हमलों में अब तक 200 से ज्यादा लोग मारे गए, जिनमें कम से कम 40 वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं. बता दें कि खामेनेई 1989 से ईरान के सुप्रीम लीडर थे और अमेरिका-इजरायल के खिलाफ सख्त रुख के लिए मशहूर थे.