नई दिल्ली: ईरान-अमेरिका के बीच टेंशन और टशन कम नहीं हो रही है. दोनों देशों में युद्ध खत्म करने को लेकर कई बैठकें भी चुकी हैं लेकिन समझौता हो नहीं पा रहा है. इस कड़ी में अमेरिका ने जंग खत्म करने की नियत से ईरान को एक 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा था जिसे ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है. इस प्रस्ताव के जबाव का ट्रंप से लेकर विदेश मंत्री मार्को रूबियो तक को इंतजार था और कयास लगाए जा रहे थे कि इस बार कुछ ठोस बातची हो सकेगी. लेकिन ईरान ने पस्ताव को ठुकरा दिया है.
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार अमेरिका द्वारा भेज गए गए प्रस्ताव में सबसे ज्यादा जो इस बात पर दिया गया है कि अमेरिका जंग में हुए ईरान के नुकसान का मुआवजा दे. इसके साथ ही ईरान ने ये भी कहा है कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर ईरान की संप्रभुता स्वीकार करे. ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है कि ईरान द्वारा भेज गए जवाब में ये भी कहा गया है कि ईरान में ट्रंप को खुश करने के लिए योजनाएं नहीं बनाई जाती. अगर ट्रंप इससे संतुष्ट नहीं हैं तो ये अच्छा है.
समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार सूत्रों का कहना है कि अमेरिका को यह भी कहा गया है कि ईरान से बातचीत करने वाली अमेरिकी टीम को ईरान के अधिकारों को ध्यान में रखकर योजनाएं बनानी चाहिए. इसके साथ ही ईरानी ने तेल की बिक्री पर लगे अमेरिका के बैन को भी हटाने की मांग की है. एजेंसी की मानें तो ईरान ने जंग को तुरंत खत्म करने के साथ-साथ हर मोर्चे पर युद्ध को खत्म करने पर जो दिया है.
अमेरिका के प्रस्ताव के जवाब में ईरान ने ये भी कहा है कि युद्ध समाप्ति के साथ यह भी गारंटी होनी चाहिए की हम पर फिर से हमले नहीं होंगे. इसके साथ ही ईरान का कहना है कि शुरूआती समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद नाकेबंदी भी खत्म करने जरूरी होगी. वहीं अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर ईरान के जबाव की पाकिस्तान ने पुष्टि की है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जानकारी देते हुए कहा है कि जंग खत्म करने के लिए ईरान ने अमेरिकी प्रस्ताव का जवाब भेज दिया है.