IPL 2026 US Israel Iran War

तो अब पाकिस्तान में नहीं होगी शांति वार्ता? ईरान ने यूएस से सीधी बातचीत से किया इंकार

ईरान ने अमेरिका के साथ सीधे वार्ता से इनकार करते हुए कहा कि पहले ढांचा समझौता जरूरी है. होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण और परमाणु मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बना हुआ है.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अभी संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ आमने-सामने बातचीत के लिए तैयार नहीं है. तुर्किये में एक कूटनीतिक मंच पर बोलते हुए उप विदेश मंत्री सईद खातिबज़ादेह ने कहा कि अभी कई अहम मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं.

उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी अधिकतम मांगों से पीछे नहीं हटा है, इसलिए प्रत्यक्ष वार्ता का समय अभी नहीं आया है. ईरान चाहता है कि पहले एक फ्रेमवर्क एग्रीमेंट तैयार किया जाए.

होर्मुज जलडमरूमध्य पर सख्ती

ईरान ने शनिवार को एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा कि इस जलमार्ग के इस्तेमाल के लिए सुरक्षा, पर्यावरण और सुरक्षित नौवहन से जुड़े खर्चों का भुगतान करना होगा. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि ईरान इस जलडमरूमध्य को दबाव बनाने के हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं कर सकता.

परमाणु मुद्दे पर टकराव बरकरार

खातिबज़ादेह ने यह भी साफ कर दिया कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका को नहीं सौंपेगा. उन्होंने इसे “नॉन-स्टार्टर” बताते हुए कहा कि इस पर कोई समझौता संभव नहीं है. यह बयान उस समय आया जब ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका ईरान में मौजूद परमाणु सामग्री को हासिल करेगा.

प्रतिबंध और क्षेत्रीय तनाव

ईरान ने अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को प्रमुख विवाद बताया है. खातिबज़ादेह ने इन्हें आर्थिक आतंकवाद करार देते हुए कहा कि इनका उद्देश्य ईरानी जनता पर दबाव बनाना है. उन्होंने संघर्षविराम को लेबनान तक बढ़ाने की बात दोहराई, जबकि इज़राइल और अमेरिका इससे सहमत नहीं दिखे. इज़राइल ने बेरूत में हवाई हमले भी किए.

आगे क्या?

ईरान ने संकेत दिया है कि वह नागरिक जहाजों की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए नया प्रोटोकॉल ला सकता है. हालांकि, अमेरिका ने चेतावनी दी है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो हमले फिर शुरू हो सकते हैं.