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इजरायल-अमेरिका के हमलों से बेखौफ सड़कों पर घूमे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, वीडियो वायरल

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान तेहरान में कुद्स डे रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे. इजरायल और अमेरिका के हमलों के बावजूद उन्होंने लोगों से मुलाकात की, जिससे समर्थकों में उत्साह और एकजुटता दिखाई दी.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
इजरायल-अमेरिका के हमलों से बेखौफ सड़कों पर घूमे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, वीडियो वायरल
Courtesy: @maxtecum

ईरान की राजधानी तेहरान में कुद्स डे के अवसर पर आयोजित रैली के दौरान एक असामान्य दृश्य देखने को मिला. राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन अचानक हजारों प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंच गए. यह घटना ऐसे समय हुई जब क्षेत्र में अमेरिका और इजरायल के साथ तनाव बढ़ा हुआ है और हमलों की खबरें सामने आ रही हैं. सुरक्षा खतरे के बावजूद राष्ट्रपति का इस तरह लोगों के बीच जाना चर्चा का विषय बन गया. उनकी मौजूदगी से रैली में शामिल लोगों में उत्साह और जोश दिखाई दिया.

प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे राष्ट्रपति

तेहरान के फर्डोसी स्क्वायर में कुद्स डे रैली के दौरान जब राष्ट्रपति पेजेश्कियन लोगों के बीच पहुंचे तो वहां मौजूद कई लोग हैरान रह गए. हजारों प्रदर्शनकारी फिलिस्तीन के समर्थन में नारे लगा रहे थे. इसी दौरान राष्ट्रपति भी भीड़ के बीच चलते दिखाई दिए. कई लोगों ने उनसे हाथ मिलाया, कुछ ने उनका अभिवादन किया और कई युवाओं ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं.

हमलों के बीच भी जारी रही रैली

रिपोर्टों के अनुसार उस समय इलाके में धमाकों की आवाजें भी सुनाई दीं और कुछ स्थानों पर धुआं उठता देखा गया. इसके बावजूद रैली में शामिल लोग वहां से हटे नहीं. प्रदर्शनकारियों ने अपने नारे जारी रखे और माहौल में विरोध और एकजुटता दोनों दिखाई दिए. राष्ट्रपति भी भीड़ के बीच घूमते हुए लोगों का हौसला बढ़ाते नजर आए.

घायलों से अस्पताल में मुलाकात

रैली के बाद राष्ट्रपति पेजेश्कियन अस्पताल भी पहुंचे, जहां उन्होंने हमलों में घायल हुए लोगों से मुलाकात की. उन्होंने पीड़ित परिवारों का हाल जाना और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की. राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान शांति चाहता है, लेकिन अगर देश पर हमला होता है तो जवाब देना भी उसका अधिकार है.

घटना ने खींचा दुनिया का ध्यान

इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है. कुछ लोग इसे जनता के साथ खड़े होने का संदेश मान रहे हैं, जबकि कई विशेषज्ञ सुरक्षा जोखिमों को लेकर चिंता जता रहे हैं. हालांकि ईरान में कई लोगों ने राष्ट्रपति के इस कदम को साहस और जनता के प्रति भरोसे का प्रतीक बताया है. तनावपूर्ण हालात के बीच यह घटना देश के भीतर एकजुटता के संकेत के रूप में देखी जा रही है.