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India Daily

अमेरिका से दूसरे दौर की न्यूक्लियर वार्ता के लिए आज पाकिस्तान पहुंच सकते हैं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची

पाकिस्तान जल्द से जल्द ईरान और अमेरिका संघर्ष को सुलझाना चाहता है क्योंकि इस युद्ध के कारण उसकी अर्थव्यवस्था चौपट हो रही है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
अमेरिका से दूसरे दौर की न्यूक्लियर वार्ता के लिए आज पाकिस्तान पहुंच सकते हैं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची
Courtesy: @mog_russEN

अमेरिका से दूसरे दौर की न्यूक्लियर बातचीत के लिए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के शुक्रवार रात को पाकिस्तान पहुंचने की उम्मीद है. पाकिस्तानी अधिकारियों और वहां की स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स से ऐसी जानकारी सामने आ रही है.

अल अरेबिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान शुक्रवार को ही तेहरान और वॉशिंगटन में फिर से बातचीत शुरू होने का ऐलान कर सकता है और इसी के साथ अब पूरा ध्यान अगले दौर की बातचीत पर केंद्रित हो गया है.

बता दें कि इजरायल ने शुक्रवार को कहा था कि वह ईरान पर फिर से सैन्य कार्रवाई करने को तैयार है, जबकि डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि होर्मुज में नाकाबंदी 100% प्रभावी रहेगी. जिसका सीधा मतलब है कि ईरान को झुकाने के लिए अमेरिका और इजरायल सैन्य से लेकर आर्थिक दबाव बनाए रखना चाहते हैं.

सुलह की जल्दी में क्यों है पाकिस्तान

पाकिस्तान जल्द से जल्द ईरान और अमेरिका संघर्ष को सुलझाना चाहता है क्योंकि इस युद्ध के कारण उसकी अर्थव्यवस्था चौपट हो रही है. 45 दिनों से जारी इस संघर्ष से पाकिस्तान को 4 से 8 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ है और यह आंकड़ा लगातर बढ़ता जा रहा है.

इस संघर्ष के कारण पाकिस्तान में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था आयातित ईंधन पर अत्यधिक निर्भर है जिससे ब्रेंड क्रूड में हर बढ़ोतरी उसके तेल आयात के बिल को और बढ़ा देती है.

दोनों देशों के बीच क्यों बन रही बातचीत की स्थिति

होर्मुज में जारी अमेरिका और ईरान की नाकेबंदी से दुनियाभर के देशों का व्यापार प्रभावित हो रहा है. होर्मुज स्ट्रेट तेल के आयात और निर्यात के प्रमुख मार्गों में से एक है. दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल का आयात इसी मार्ग से होता है, लेकिन अमेरिका ने होर्मुज में नाकाबंदी लगा रखी है. ईरान भी अमेरिका की नाकेबंदी का जवाब दे रहा है जिसके कारण दुनियाभर की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है.