तेहरान: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि ईरान ने फारस की खाड़ी पर अमेरिकी ऑयल टैंकर पर हमला किया है. उसका कहना है कि ईरान की नौसेना ने खाड़ी के उत्तरी इलाके में ये हमला किया. इसके बाद टैंकर में आग लग गई.
ईरान के सरकारी टेलीविजन पर इसे लेकर एक बयान पढ़ा गया. आपको पता ही होगा कि अमेरिका ने हिंद महासागर में युद्धपोत आईआरआईएस डेना पर अटैक किया था. इसके बाद ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने अमेरिको चेतावनी दी थी कि उसे अपनी इस कार्रवाई के पछताना पड़ा. इसके बाद गुरुवार को अमेरिकी टैंकर पर हमले की खबर आई है.
ईरान के सरकारी टेलीविजन पर अमेरिकी तेल टैंकर को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है. लेकिन ब्रिटिश सेना के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर की एक रिपोर्ट में बताया गया है गुरुवार सुबहको कुवैत के तट पर एक हमला हुआ है. ऐसे में ये वो टैंकर हो सकता है जिस पर हमले की बात ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स कह रही है.
आईआरजीसी ने इसके साथ ये भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरना हमारे हाथ में होगा. उन्होंने कहा कि अमेरिका, इज़राइल और उनके यूरोपीय सहयोगियों के जहाजों को इस जलमार्ग से जाने से रोक दिया गया है.
अमेरिका के आईआरआईएस डेना पर किए गए हमले में 100 लोगों के मारे जाने की खबर है. इसमें से 87 लोगों के शव बरामद हो चुके है. इजरायली पोत को बचाने के लिए श्रीलंका की नौसेना मे हिंद महासागर में भारत की सीमा के पास रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और 30 लोगों को बचाया. जो लोग लापता हैं उनकी तलाश की जा रही है. उनका कहना है कि यहां जो भी बैन जहाज गुजरेगा उस पर निशाना साध जाएगा.
ईरान के साथ यूएस-इजरायल युद्ध को एक हफ्ते होने वाले हैं. ईरान को इसमें काफी ज्यादा नुकसान हुआ है. उसके 1000 से ज्यादा लोगों की हत्या इस संघर्ष में हो चुकी है. इसमें मीनाब में 165 स्कूली छात्राओं की हत्या भी
है. ईरान की जवाबी कार्रवाई में 6 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं.