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India Daily

क्या सचमुच तबाह हुए अमेरिकी रडार? डील से पहले बड़ा खुलासा, सैटेलाइट तस्वीरों ने मचाया तहलका

ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी रडार सिस्टम ईरानी मिसाइल हमलों में नष्ट हो गए हैं. इसके समर्थन में सैटेलाइट तस्वीरें भी जारी की गई हैं.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
क्या सचमुच तबाह हुए अमेरिकी रडार? डील से पहले बड़ा खुलासा, सैटेलाइट तस्वीरों ने मचाया तहलका
Courtesy: @iribnews_irib X Account

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की चर्चाओं के बीच नया विवाद सामने आया है. ईरान के सरकारी प्रसारक संगठन ने सैटेलाइट तस्वीरें जारी करते हुए दावा किया है कि ईरानी मिसाइल हमलों में बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी रडार सिस्टम नष्ट हो गए हैं. इन दावों ने क्षेत्रीय तनाव को फिर बढ़ा दिया है.

ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, बहरीन के माउंट अल-दुखान पर तैनात अमेरिकी सेना का TPS-59 अर्ली वार्निंग रडार हालिया मिसाइल हमले में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. जारी की गई सैटेलाइट तस्वीरों में हमले के बाद का दृश्य दिखाया गया है, जिसमें संबंधित सैन्य ढांचा गंभीर रूप से प्रभावित नजर आता है.

ईरानी मीडिया ने क्या किया दावा?

ईरानी मीडिया ने यह भी दावा किया कि कुवैत के अली अल-सालेम क्षेत्र में स्थित ASR-1000 रडार सिस्टम को भी सटीक मिसाइल हमले में नष्ट कर दिया गया. रिपोर्ट में कहा गया कि दोनों रडार सिस्टम अमेरिकी सैन्य निगरानी नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा थे और इन पर हमला ईरान की सैन्य क्षमता का प्रमाण है.

सैटेलाइट तस्वीरों को साझा करते हुए ईरान ने अमेरिका के उन दावों पर सवाल उठाए हैं जिनमें कहा गया था कि ईरानी हमलों को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया गया था. ईरानी पक्ष का कहना है कि तस्वीरें जमीनी स्थिति को दर्शाती हैं और अमेरिकी दावों से अलग तस्वीर पेश करती हैं.

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. अमेरिकी अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. ऐसे मामलों में युद्ध या संघर्ष से जुड़े दावों की पुष्टि अक्सर कई स्वतंत्र स्रोतों और सैटेलाइट विश्लेषणों के बाद ही संभव हो पाती है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्या किया दावा?

इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच बहुप्रतीक्षित समझौता 14 जून को आगे बढ़ सकता है. उनके अनुसार, समझौते के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री यातायात सामान्य करने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं.

दूसरी ओर ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने संकेत दिया है कि वार्ता प्रक्रिया दो चरणों में चल रही है. उन्होंने कहा कि अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर तभी होंगे जब शुरुआती शर्तों को दोनों पक्ष स्वीकार करेंगे. ईरान का रुख है कि यदि प्रारंभिक समझौतों का पालन नहीं किया गया तो अंतिम डील पर हस्ताक्षर नहीं किए जाएंगे.

मध्य पूर्व में जारी तनाव और कूटनीतिक प्रयासों के बीच यह घटनाक्रम वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है. आने वाले दिनों में दोनों देशों की ओर से जारी आधिकारिक बयानों पर दुनिया की नजर रहेगी.