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पेरिस में ‘जय महाराष्ट्र’ के नारे: भारतीय युवक का वीडियो वायरल, विदेशी धरती पर व्यवहार पर उठे सवाल

वीडियो में एक शख्स पहले माइम आर्टिस्ट के साथ फोटो खिंचवाता है और उसके बाद और तेज आवाज में नारे लगाने लगता है. कलाकार हाथ जोड़कर और इशारों में बार-बार मना करता है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
पेरिस में ‘जय महाराष्ट्र’ के नारे: भारतीय युवक का वीडियो वायरल, विदेशी धरती पर व्यवहार पर उठे सवाल
Courtesy: @SurajKrBauddh

फ्रांस की राजधानी पेरिस से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में कुछ भारतीय युवक पेरिस के मशहूर मोंटमार्ट्रे इलाके में एक स्ट्रीट परफॉर्मर के पास खड़े होकर जोर-जोर से ‘जय महाराष्ट्र’, ‘जय शिवसेना’ और ‘छत्रपति शिवाजी महाराज की जय’ जैसे नारे लगाते नजर आ रहे हैं. इस घटना के बाद विदेशी धरती पर भारतीयों के सार्वजनिक व्यवहार और सिविक सेंस को लेकर बहस छिड़ गई है.

स्ट्रीट आर्टिस्ट की असहजता साफ दिखी

वीडियो में देखा जा सकता है कि एक युवक ने माइम आर्टिस्ट (बिना बोले अभिनय करने वाला कलाकार) के कंधे पर हाथ रख दिया और नारे लगाने लगा. माइम कलाकार बार-बार इशारों में उसे रुकने के लिए कहता है, लेकिन युवक नहीं मानता. कुछ ही सेकंड में उसके साथ मौजूद दूसरे लोग भी नारे लगाने लगते हैं. कलाकार के चेहरे पर असहजता साफ दिखाई देती है.

फोटो खिंचवाकर भी नहीं रुके नारे

वीडियो में एक शख्स पहले माइम आर्टिस्ट के साथ फोटो खिंचवाता है और उसके बाद और तेज आवाज में नारे लगाने लगता है. कलाकार हाथ जोड़कर और इशारों में बार-बार मना करता है, लेकिन समूह उसकी बात को नजरअंदाज करता रहता है. इस दौरान वहां मौजूद भीड़ भी असहज नजर आती है.

राजनीतिक नारों से बढ़ा विवाद

वीडियो में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के समर्थन में नारे भी सुनाई देते हैं. इसके बाद सोशल मीडिया पर लोग अंदाजा लगाने लगे कि ये युवक महाराष्ट्र के ठाणे इलाके से जुड़े हो सकते हैं. हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया

इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. कई यूजर्स ने इसे शर्मनाक और अपमानजनक बताया. एक लेखक ने लिखा कि भारतीय पर्यटकों ने एक कलाकार की कला और उसकी निजी जगह का सम्मान नहीं किया. लोगों का कहना है कि देशभक्ति का प्रदर्शन अपनी जगह है, लेकिन विदेश में स्थानीय संस्कृति और लोगों का सम्मान करना भी जरूरी है.

सभ्यता और जिम्मेदारी पर सवाल

यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि विदेश यात्रा के दौरान क्या हमें अपनी भावनाओं के साथ-साथ सभ्यता और जिम्मेदारी का भी ध्यान रखना चाहिए. कई लोगों का मानना है कि ऐसे व्यवहार से न सिर्फ कलाकार का अपमान होता है, बल्कि देश की छवि भी खराब होती है.