ईरान जंग का पड़ रहा भारत पर असर, होर्मुज में फंसे 5 भारतीय जहाज; सप्लाई प्रभावित होने से बढ़ी चिंता
ईरान-अमेरिका तनाव के कारण होर्मुज स्ट्रेट के पास कई भारतीय तेल और गैस टैंकर फंसे हुए हैं. इससे भारत की ऊर्जा सप्लाई और कीमतों पर असर पड़ने की आशंका है.
नई दिल्ली: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रही दुश्मनी के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य एक अहम केंद्र बनकर उभरा है. संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान ने अपने दुश्मनों के लिए इस रणनीतिक जलमार्ग को प्रभावी ढंग से बंद कर दिया है. जिसके वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर महसूस होने लगा है.
खासकर उन देशों पर जो अपने तेल और गैस आयात के लिए इस रास्ते पर निर्भर हैं. भारत भी इन्हीं देशों में से एक है, यही वजह है कि उसके कई तेल और गैस टैंकर इस समय जलडमरूमध्य के आस-पास फंसे हुए हैं.
ईरान का क्या है कहना?
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर अचानक हमला किया, जिससे ईरानी नेतृत्व को भारी नुकसान पहुंचा. जवाबी कार्रवाई में ईरानी नौसेना ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली. हालांकि ईरान का कहना है कि यह जलमार्ग पूरी तरह से बंद नहीं है. उसने साफ किया है कि यहां से गुजरने की अनुमति केवल दुश्मन देशों के लिए प्रतिबंधित है, जबकि मित्र देशों के जहाज जरूरी अनुमति लेने के बाद इस जलडमरूमध्य से गुजर सकते हैं.
जहाजों को ट्रैक करने वाली वेबसाइट से क्या पता चला?
जहाजों को ट्रैक करने वाली वेबसाइट MarineTraffic के अनुसार लगभग छह भारतीय टैंकर इस समय अरब सागर में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के पास फंसे हुए हैं. ये जहाज कच्चे तेल, LPG और रसायनों की खेप ले जा रहे हैं. मौजूदा संघर्ष के कारण ये जहाज कई दिनों से आगे नहीं बढ़ पाए हैं.
अरब सागर में कौन से भारतीय टैंकर फंसे हैं?
जिन टैंकरों की बात हो रही है, उनमें देश विभोर, देश सुरक्षा, ग्रीन सांवरी, जग विक्रम, लाइंग ट्रेडर और ग्रीन आशा शामिल हैं. इस बेड़े में दो कच्चे तेल के टैंकर, तीन LPG टैंकर और एक तेल-रसायन टैंकर शामिल हैं.
उनके रास्तों और मौजूदा स्थिति के बारे में बात करें तो, ग्रीन आशा 24 मार्च को LPG लेकर UAE के फतेह तेल क्षेत्र से रवाना हुआ था, लेकिन इस समय वह होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित दूरी बनाए हुए है. ग्रीन सांवरी 2 मार्च को रुवैस से रवाना हुई थी और 12 मार्च से अरब सागर में फंसी हुई है.
देश सुरक्षा 14 मार्च को कुवैत के मीना अल अहमदी से रवाना हुई थी और 16 मार्च से UAE के मीना साकर पोर्ट के पास लंगर डाले खड़ी है. वहीं देश विभोर 5 मार्च को उसी पोर्ट से रवाना हुई थी लेकिन 9 मार्च से आगे नहीं बढ़ पाई है.
लाइंग ट्रेडर 7 मार्च को सऊदी अरब के अल-फुजैरा से रवाना हुई थी. जिसमें भारत के कांडला पोर्ट के लिए कच्चा तेल और रसायन लदे थे लेकिन इसकी यात्रा भी बाधित हो गई है. दूसरी ओर जग विक्रम एक LPG टैंकर है जो इस समय UAE के मीना साकर पोर्ट की ओर बढ़ रहा है और अभी तक भारत के लिए रवाना नहीं हुआ है.
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