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India Daily

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को किया रद्द, भारत को दी बड़ी राहत! अब लगेगा सिर्फ 15% टैरिफ, व्यापार समझौते पर जारी रहेगी बातचीत

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के उच्च टैरिफ को रद्द कर दिया है. भारत के साथ सहमति वाला 18% पारस्परिक टैरिफ अब लागू नहीं होगा. इसके बजाय सभी देशों पर 15% टैरिफ लगेगा. भारत और अमेरिका दोनों ही अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए प्रतिबद्ध हैं. स्थिति में बदलाव को ध्यान में रखकर टैरिफ को समायोजित किया जाएगा.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को किया रद्द, भारत को दी बड़ी राहत! अब लगेगा सिर्फ 15% टैरिफ, व्यापार समझौते पर जारी रहेगी बातचीत
Courtesy: ani

नई दिल्ली: भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत जारी रहेगी. सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले तय 18% पारस्परिक टैरिफ अब प्रासंगिक नहीं रहा. अमेरिका ने अब सभी व्यापारिक साझेदारों पर 15% टैरिफ लगा दिया है, जो एमएफएन दरों के ऊपर होगा. दोनों पक्षों ने कहा है कि फरवरी की संयुक्त घोषणा की भावना के अनुरूप समझौता किया जाएगा. स्थिति बदलने पर टैरिफ में समायोजन संभव है.

सुप्रीम कोर्ट का फैसला और टैरिफ में बदलाव

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के उच्च टैरिफ को गैरकानूनी ठहराया. अब भारत के सामान पर मौजूदा 25% की जगह 15% टैरिफ लगेगा. यह टैरिफ अस्थायी है और 150 दिनों के बाद कांग्रेस की मंजूरी चाहिए. विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भारतीय निर्यातकों को राहत मिलेगी. भारत चाहता है कि टैरिफ और एमएफएन दरें ऐसी रहें कि चीनी, वियतनामी सामान से मुकाबला संभव हो.

अंतरिम समझौते पर बातचीत जारी

भारतीय टीम 23 फरवरी को वाशिंगटन पहुंचकर समझौते के कानूनी पाठ को अंतिम रूप देगी. यूएसटीआर जेमिसन ग्रीर मार्च में भारत आकर समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं. संयुक्त घोषणा में स्पष्ट है कि टैरिफ में बदलाव होने पर दोनों पक्ष अपनी प्रतिबद्धताएं संशोधित कर सकते हैं. दोनों देश अब नई स्थिति में समझौते को मजबूत बनाने पर जोर दे रहे हैं.

उद्योगों में राहत और चिंता

रत्न-आभूषण, कपड़ा और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों को बड़ी राहत मिली है. ये क्षेत्र पहले उच्च टैरिफ से प्रभावित थे. हालांकि, स्टील, एल्यूमिनियम जैसे उत्पादों पर 50% टैरिफ जारी रहेगा. कपड़ा उद्योग अभी भी अनिश्चितता से चिंतित है. निर्यात संगठनों का कहना है कि दोनों देश जल्द ही आपसी हित में समाधान निकाल लेंगे.

वैश्विक प्रभाव और भविष्य

यह फैसला ट्रंप प्रशासन की मनमानी टैरिफ नीति पर अंकुश लगाता है. अब टैरिफ नियम-आधारित और सीमित होंगे. कई देशों को रिफंड मिल सकता है. अमेरिका अन्य धाराओं जैसे 232, 301 का इस्तेमाल कर सकता है. भारत-अमेरिका व्यापार संबंध मजबूत बने रहने की उम्मीद है. विशेषज्ञों को लगता है कि अगले हफ्ते स्थिति साफ हो जाएगी.