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India Daily

'अभी तो केवल आठ घंटे हुए, आगे बहुत कुछ होगा', 50 प्रतिशत टैरिफ से भी नहीं भरा ट्रंप का मन, अब दे डाली ये धमकी

भारत ने अमेरिका को यह भी याद दिलाया कि उसका ऊर्जा आयात बाजार के कारकों पर आधारित है, न कि किसी राजनीतिक दबाव पर. भारत ने यह भी कहा कि वह अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा.

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Edited By: Reepu Kumari
'अभी तो केवल आठ घंटे हुए, आगे बहुत कुछ होगा', 50 प्रतिशत टैरिफ से भी नहीं भरा ट्रंप का मन, अब दे डाली ये धमकी
Courtesy: Pinterest

India US tariff dispute: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर दोहरी मार करते हुए न सिर्फ आयात पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगा दिया, बल्कि रूस से तेल खरीद जारी रखने को लेकर नए प्रतिबंधों की धमकी भी दे डाली. इसके बाद अब भारत से अमेरिका को होने वाला निर्यात 50% टैरिफ के तहत आएगा, जिससे आम भारतीय कारोबारी और उपभोक्ता दोनों पर असर पड़ने की आशंका है. ट्रंप यहीं नहीं रुके उन्होनें ये तक कह दिया है कि अगर जरुरत पड़ी को भारत के खिलाफ और भी सख्त कदम उठा सकते हैं. 

यह निर्णय ऐसे समय आया है जब दुनिया रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते पहले ही ऊर्जा संकट और आर्थिक अस्थिरता से जूझ रही है. अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, भारत की रूस से निरंतर तेल खरीद वैश्विक प्रतिबंधों के असर को कम कर रही है. जब ट्रंप से पूछा गया कि सिर्फ भारत को क्यों निशाना बनाया जा रहा है जबकि चीन भी यही कर रहा है, तो उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'अभी तो केवल आठ घंटे हुए हैं, आगे बहुत कुछ होगा.'

ट्रंप की खुली धमकी 

ट्रंप ने साफ कर दिया कि आने वाले दिनों में और देशों पर भी दबाव डाला जाएगा और अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. इसके साथ ही उन्होंने यह भी इशारा दिया कि चीन पर भी भारत जैसी कार्रवाई संभव है.

भारत सरकार ने इस कदम की कड़ी निंदा की है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह फैसला अनुचित, अविवेकपूर्ण और रणनीतिक साझेदारी के मूल सिद्धांतों के खिलाफ' है. भारत ने स्पष्ट किया कि रूस से तेल खरीदना उसकी राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा, कीमतों की प्रतिस्पर्धा और 1.4 अरब लोगों के हितों से जुड़ा है.

भारत ने अमेरिका को यह भी याद दिलाया कि उसका ऊर्जा आयात बाजार के कारकों पर आधारित है, न कि किसी राजनीतिक दबाव पर. भारत ने यह भी कहा कि वह अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा.

ट्रंप की नजरें अब चीन पर

इस बीच, ट्रंप के बयान से संकेत मिले हैं कि रूस-यूक्रेन युद्ध में संभावित शांति समझौते के बाद भारत पर लगे टैरिफ हटाए जा सकते हैं, लेकिन इस पर बाद में निर्णय लिया जाएगा. दूसरी ओर, ट्रंप की नजरें अब चीन पर हैं और उन्होंने कहा कि अगर रूस पर दबाव बनाने के लिए जरूरत पड़ी तो चीन पर भी अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा सकता है.

भारत-अमेरिका रिश्तों में यह नया मोड़ कहीं ना कहीं आपसी विश्वास पर सवाल खड़ा करता है. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत कैसे जवाब देता है और वैश्विक कूटनीति में कौन सी नई चालें चलती हैं.