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'टू स्टेट सॉल्यूशन ही समाधान' , UNGA में गाजा जंग पर बोला भारत

Israel Hamas War: गाजा संकट पर संयुक्त राष्ट्र महासभा में हुई बैठक में भारत ने एक बार फिर से गाजा में संघर्ष विराम पर जोर देने की बात कही साथ ही संबंधित पक्षों से टू स्टेट सॉल्यूशन पर भी अमल करने की बात दोहराई.

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India Daily Live

Israel Hamas War: संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत ने गाजा जंग पर अपने पुराने रुख को फिर से दोहराया है. भारत ने कहा कि गाजा से आतंकवाद खत्म करने के लिए दो राज्यों के प्रावधान पर अमल किया जाना चाहिए. इसके लागू होने के बाद ही क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता की उम्मीद की जा सकती है. 

संयुक्त राष्ट्र  महासभा (UNGA) में गाजा संकट पर हुई बैठक में भारत की यूएन में स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने गाजा युद्ध की निंदा की. उन्होंने कहा कि इजरायल और हमास की जंग में हजारों की संख्या में निर्दोष लोग मर रहे हैं. पूरा गाजा गंभीर तबाही से गुजर रहा है. गाजा का मानवीय संकट झकझोर देने वाला है. इसे स्वीकारा नहीं जा सकता है. 

महासभा की बैठक में कंबोज ने गाजा जंग पर भारत के रवैये को भी स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि गाजा में चल रहे संघर्ष को लेकर भारत बेहद चिंतित है. हम संघर्ष में निर्दोष नागरिकों की मौत की कड़ी निंदा करते हैं. कंबोज ने बैठक में आग्रह किया कि हिंसा और निर्दोषों को इस जंग में निशाना न बनाया जाए. कंबोज ने इस बात पर भी जोर दिया कि हर स्थिति में अंतरराष्ट्रीय नियम और कानूनों का पालन किया जाए जिससे आम लोगों को क्षति न पहुंचे.

बेकाबू हो सकते हैं हालात 

कंबोज ने गाजा में मानवीय सहायता में तेजी लाने पर भी जोर दिया. उन्होंने सदस्य देशों से अपील की गाजा में मानवीय सहायता के प्रयासों को तेज किया जाए. गाजा की स्थिति को बिगड़ने से बचाने के लिए हमें अपने सहायता प्रयासों में तेजी लानी होगी नहीं तो यहां के हालात बेकाबू हो सकते हैं. 

भारत हमेशा रहा है समर्थक 

रूचिरा ने भारत के टू स्टेट सॉल्यूशन का भी जिक्र किया.  उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से ही इस प्रस्ताव के समर्थन में रहा है कि इजरायली हितों को नुकसान पहुंचाए बिना फिलिस्तीनी लोगों को भी स्वतंत्र तरीके से जीने का अधिकार मिले. उनके पास भी अपनी सीमाएं हों, अपने कानून और विधान हों. द्वि राष्ट्र समाधान ही क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित कर सकता है.  कंबोज ने कहा कि स्थायी समाधान तक पहुंचने के लिए हमें तत्काल सैन्य संघर्ष, हिंसा और तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाइयों से बचना होगा. 

 

 

 

 

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