इमरान खान के जिंदा होने की पुष्टि हो चुकी है. पाकिस्तान से आ रहीं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी बहन उज्मा खानुम ने मंगलवार को अदियाला जेल में अपने भाई और पीटीआई के नेता इमरान खान से मुलाकात की.
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात पर लगे प्रतिबंधों ने पिछले कई हफ्तों से राजनीतिक माहौल को अशांत बना दिया था. उनकी बहनों, पार्टी नेताओं और समर्थकों को बार-बार मिलने से रोके जाने पर पीटीआई लगातार प्रदर्शन कर रही थी. मंगलवार को आखिरकार अदियाला जेल प्रशासन ने उनकी बहन उज्मा खानुम को मिलने की अनुमति दी. यह कदम उस समय आया जब जेल के बाहर भारी संख्या में पीटीआई समर्थक इमरान के स्वास्थ्य और पारदर्शिता को लेकर लगातार दबाव बना रहे थे.
उज्मा खानुम मंगलवार दोपहर जेल पहुंचीं, जहां पीटीआई कार्यकर्ता पहले से जमा थे. परिवार का आरोप था कि अदालत की अनुमति के बावजूद मुलाकातें रोकी जा रही थीं. इस मुलाकात ने समर्थकों को थोड़ी राहत दी, लेकिन सवाल अब भी बाकी हैं.
इमरान की बहन अलीमा खान ने जेल सुपरीटेंडेंट पर अदालत के निर्देशों की अवहेलना का आरोप लगाते हुए अवमानना याचिका दायर की थी. परिवार का कहना है कि मार्च से अब तक वकीलों और रिश्तेदारों को व्यवस्थित रूप से रोका गया है, जिससे गंभीर चिंता पैदा हुई है.
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी को लगातार आठवीं बार मुलाकात से रोका गया, जिसके बाद उन्होंने जेल के बाहर धरना दिया. पीटीआई का कहना है कि पारदर्शिता की कमी और जानकारी छिपाना राजनीतिक दबाव का नतीजा है.
पिछले सप्ताह इमरान की बहनों के साथ हुई कथित हाथापाई ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया. नोरीन नियाजी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान उन्हें अंधेरा करके पुलिस ने घसीटा. 71 वर्षीय नोरीन ने कहा कि उन्हें बाल खींचकर सड़क पर गिराया गया.
अफगान मीडिया की अपुष्ट खबरों के बाद इमरान की हालत को लेकर अफवाहें फैल गईं. उनके बेटे कासिम खान ने सोशल मीडिया पर कहा कि 845 दिनों से पिता जेल में हैं और छह हफ्तों से ‘डेथ सेल’ में बिना संपर्क के बंद हैं. पीटीआई ने नियमित मुलाकातें बहाल करने की मांग दोहराई है.