मदीना की ओर हूतियों का ड्रोन हमला! अदन में राष्ट्रपति भवन और एयरपोर्ट पर दागीं मिसाइलें
यमन में हूती विद्रोहियों ने एक बार फिर हमलों की नई लहर शुरू कर दी है. शुक्रवार को सऊदी अरब के शहर मदीना की ओर एक ड्रोन देखे जाने की खबर सामने आई.
नई दिल्ली: यमन में हूती विद्रोहियों ने एक बार फिर हमलों की नई लहर शुरू कर दी है. शुक्रवार को सऊदी अरब के शहर मदीना की ओर एक ड्रोन देखे जाने की खबर सामने आई. इसके अलावा यमन के दक्षिणी शहर अदन में राष्ट्रपति भवन परिसर और एयरपोर्ट को भी बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया. इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.
सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने दावा किया कि उसकी सेना ने मदीना क्षेत्र के ऊपर एक ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया. इससे पहले मक्का क्षेत्र में भी एक ड्रोन को मार गिराने की जानकारी दी गई थी. हालांकि, हूती विद्रोहियों ने मदीना की ओर ड्रोन भेजने के आरोपों को खारिज किया है.
अदन में राष्ट्रपति भवन और एयरपोर्ट पर मिसाइल हमला:
यमन के सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, हूती विद्रोहियों ने शुक्रवार को अदन स्थित अल-माशीक राष्ट्रपति महल परिसर और हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. एक पुलिस अधिकारी ने राष्ट्रपति भवन को दो मिसाइलों से निशाना बनाए जाने की जानकारी दी.
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हमले के बाद स्थानीय लोगों ने शहर में दो जोरदार धमाकों की आवाज सुनी. चश्मदीदों के अनुसार, राष्ट्रपति भवन परिसर की ओर एम्बुलेंस जाती दिखाई दीं. हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक हमले में किसी की मौत या घायल होने की पुष्टि नहीं की है. यह भी स्पष्ट नहीं है कि मिसाइलें अपने लक्ष्य पर लगी थीं या नहीं.
यमन में क्यों जारी है संघर्ष?
यमन में हूती विद्रोहियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के बीच लंबे समय से संघर्ष चल रहा है. साल 2014 में हूतियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था और सरकार को वहां से बाहर होना पड़ा था. इसके बाद से देश में राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा जारी है. अदन शहर अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त यमनी सरकार का प्रमुख केंद्र है. इसलिए यह शहर लगातार हमलों के निशाने पर रहा है.
शुक्रवार के हमले से पहले बुधवार को भी अदन एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया था. हूतियों ने हमले से पहले लोगों को एयरपोर्ट खाली करने की चेतावनी दी थी. यह एयरपोर्ट दक्षिणी यमन में राहत सामग्री और मानवीय सहायता पहुंचाने का महत्वपूर्ण रास्ता है.
मक्का और मदीना को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?
मक्का और मदीना इस्लाम के दो सबसे पवित्र शहर हैं. मक्का में मस्जिद अल-हरम और काबा स्थित हैं, जबकि मदीना में पैगंबर मोहम्मद की मस्जिद यानी मस्जिद-ए-नबवी है. हर साल दुनिया भर से लाखों मुस्लिम इन शहरों में पहुंचते हैं. सऊदी अरब पहले भी हूतियों पर इन पवित्र शहरों के आसपास ड्रोन हमले की कोशिश करने का आरोप लगा चुका है. सितंबर में भी गठबंधन ने मक्का के दक्षिण में एक ड्रोन को नष्ट करने का दावा किया था.
हूतियों ने आरोपों को बताया झूठा:
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सऊदी अरब के आरोपों को गलत बताया. उन्होंने कहा कि संगठन ने सऊदी क्षेत्र के खिलाफ कोई नया सैन्य अभियान नहीं चलाया है. हूतियों का दावा है कि उनके सैन्य अभियान केवल सऊदी अरब के तेल ठिकानों और सैन्य अड्डों को निशाना बनाने के लिए हैं. संगठन ने सऊदी अरब पर हमलों को लेकर गलत जानकारी फैलाने का आरोप भी लगाया है.