H1B Visa Fee 2025:  एच-1बी वीजा फीस मामला पहुंचा कोर्ट, ट्रंप के फैसले पर बवाल जारी; जानिए क्या मिलेगी राहत

H1B Visa Fee 2025: 19 सितंबर को जारी आदेश में ट्रंप ने कहा कि H-1B वीजा प्रोग्राम का दुरुपयोग हो रहा है. विदेशी कर्मचारियों की सस्ती मजदूरी अमेरिकी कर्मचारियों के नुकसान का कारण बन रही थी.

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Reepu Kumari

H1B Visa Fee 2025: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के तहत H-1B वीजा की फीस में भारी बढ़ोतरी कर दी गई है. अब नए वीजा आवेदन की लागत लगभग 88 लाख रुपये ($100,000) तक पहुंच गई है. यह फैसला तकनीकी, स्वास्थ्य सेवा और शैक्षिक क्षेत्रों में काम करने वाले हजारों विदेशी कर्मचारियों और नियोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बन गया है. इस नई फीस के खिलाफ स्वास्थ्य, शिक्षा और धार्मिक संगठनों सहित कई समूहों ने संघीय अदालत में मुकदमा दायर किया है. उनका कहना है कि इससे रोजगार, शिक्षा और इनोवेशन पर गंभीर असर पड़ सकता है.

H-1B वीजा कार्यक्रम अमेरिकी नियोक्ताओं को उच्च कौशल वाले विदेशी विशेषज्ञों को भर्ती करने की अनुमति देता है. ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि इस बढ़ोतरी का मकसद अमेरिकी कर्मचारियों को सस्ते विदेशी कर्मचारियों से प्रतिस्थापित होने से बचाना है. हालांकि, नियोक्ताओं और कर्मचारियों का कहना है कि इतनी बड़ी फीस रातों-रात लागू करना अचानक संकट पैदा करने जैसा है और इससे कई उद्योग और संस्थान प्रभावित होंगे.

ट्रंप ने क्यों की फीस बढ़ोतरी

19 सितंबर को जारी आदेश में ट्रंप ने कहा कि H-1B वीजा प्रोग्राम का दुरुपयोग हो रहा है. विदेशी कर्मचारियों की सस्ती मजदूरी अमेरिकी कर्मचारियों के नुकसान का कारण बन रही थी. नई फीस 36 घंटे के भीतर लागू हो गई, जिससे कंपनियों में अफरा-तफरी मच गई.

मुकदमा और उसकी मांगें

संघीय अदालत में दायर मुकदमे में कहा गया कि H-1B वीजा अमेरिका में स्वास्थ्यकर्मियों, शिक्षकों और धार्मिक संगठनों के लिए महत्वपूर्ण है. डेमोक्रेसी फॉरवर्ड फाउंडेशन और जस्टिस एक्शन सेंटर ने अदालत से आदेश को रोकने और स्थिति सामान्य करने की मांग की है.

प्रभाव: कर्मचारियों और उद्योग पर

यदि यह नई फीस लागू रहती है तो अस्पतालों से डॉक्टर, विश्वविद्यालयों से प्रोफेसर और टेक कंपनियों से प्रमुख इनोवेटर्स अमेरिका छोड़ सकते हैं. इससे देश की इनोवेशन और आर्थिक विकास पर असर पड़ेगा.

विरोध और आलोचना

आलोचकों का कहना है कि ट्रंप की योजना विदेशी विशेषज्ञों के बजाय संपत्ति और संबंधों को प्राथमिकता देती है. यह फीस प्रणाली भ्रष्टाचार बढ़ा सकती है और कांग्रेस के बनाए गए H-1B प्रोग्राम का उल्लंघन कर सकती है.

व्हाइट हाउस का रुख

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ने कहा कि यह कदम कानून के भीतर है और इसका उद्देश्य कंपनियों को सिस्टम में घुसपैठ करने और अमेरिकी वेतन में कमी लाने से रोकना है.

H-1B वीजा क्यों महत्वपूर्ण है?

H-1B प्रोग्राम तकनीकी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में विदेशी विशेषज्ञों को लाने का अहम माध्यम है. हर साल लगभग 65,000 वीजा जारी होते हैं, जबकि उन्नत डिग्री धारकों के लिए अतिरिक्त 20,000 वीजा आरक्षित होते हैं. भारत इस कार्यक्रम में सबसे बड़ा लाभार्थी रहा है.