अब गोवा हुआ पुराना, मध्य प्रदेश का गांधीसागर है टूरिस्ट का नया ठिकाना!

मध्य प्रदेश में गोवा और मालदीव का आनंद अब पर्यटक ले सकते हैं. मध्य प्रदेश सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गांधी सागर डैम को अत्याधुनिक अंदाज में विकसित किया है, जो पर्यटकों का मन मोहने के लिए काफी है.

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Kanhaiya Kumar Jha

भोपाल: मध्य प्रदेश में गोवा और मालदीव अगर आपको देखना है तो आप गांधीसागर का रुख कर सकते हैं. मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने गांधी सागर डैम के बैक वाटर में  वाटर स्पोर्ट की ढेर सारी गतिविधियां शुरू कर दी है. इसके साथ ही और भी कई प्रकार की रोमांचक एक्टिविटी यंहा मौजूद है.

मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के सहयोग से विकसित रिट्रीट में जंहा लक्जरी कैंपिंग, एडवेंचर टूरिज्म और सांस्कृतिक गतिविधियों रहती है वहीं गांधीसागर में  टेंट सिटी में पर्यटक हॉट-एयर बलूनिंग, पैरामोटरिंग, जेट स्कीइंग, कायाकिंग और मोटर बोटिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों का आनंद  आसानी से लिया जा सकता है.

ग्रामीण जीवन के वास्तविक अनुभवों का आनंद

रोमांचक गतिविधियों के साथ ही पर्यटक बांध से कुछ ही दूर हिंगलाजगढ़ किले की हेरिटेज ट्रेल और गांधीसागर अभयारण्य में वन्यजीव सफारी के साथ ही ग्रामीण जीवन के वास्तविक अनुभवों का भी आनंद लेते अक्सर नजर आते है. बांध एरिया में लगभग 2,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला एक बटरफ्लाई गार्डन भी विकसित किया गया है, जिसमें तितलियों को आकर्षित करने के लिए 4,000 से अधिक होस्ट और नेक्टर प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं. साथ ही सनसेट पॉइंट का अद्भुत नजारा भी देखा जा सकता है.

चतुर्भुज नाला की प्राचीन शैलचित्र

इसके अलावा चतुर्भुज नाला की प्राचीन शैलचित्र कला से प्रेरित रॉक आर्ट इंटरप्रिटेशन जोन तथा बायोडायवर्सिटी वॉक जैसी गतिविधियों को भी शामिल किया गया है. इससे पर्यटक इस क्षेत्र की पारिस्थितिक स्थिति से और गहराई से जुड़ सकते हैं. गांधी सागर फॉरेस्ट रिट्रीट के माध्यम से पर्यटक इस बार गाइडेड बटरफ्लाई गार्डन टूर, नेचर वॉक, बर्ड वाचिंग जैसे प्राकृतिक अनुभव के साथ प्रकृति से जुड़ते है. इसके साथ ही यहां वाटर स्पोर्ट्स में स्पीड बोट, कयाकिं जेट स्की जैसे एडवेंचर भी है जिसका आनद यंहा आकर ही देखा जा सकता है.

देखा जाए तो गांधीसागर रिट्रीट मध्य प्रदेश सरकार की बड़ी पहल है, जिसके तहत राज्य के जलाशयों के इर्द-गिर्द रोमांचक टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है. रोमांच, सांस्कृतिक जुड़ाव और संरक्षण आधारित पहलुओं के संयोजन से ये प्रोजेक्ट न केवल देशभर के पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार के अवसर भी पैदा कर रहा है. कुल मिलाकर मध्य प्रदेश सरकार का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना है, जिससे ज्यादा से ज्यादा टूरिस्ट गांधीसागर आएं और इसे जन्म भर याद रखें.

गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट विलासिता, रोमांच और पर्यावरण संरक्षण के सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व का एक उत्कृष्ट उदाहरण है. यह महज एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि अनंत अन्वेषणों की दुनिया का द्वार है, जहां प्रकृति के चमत्कार और इतिहास के खजाने मिलकर एक अविस्मरणीय अनुभव का सृजन करते हैं.