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India Daily

ईरान में फंसे अमेरिकी पायलट के तीन शब्दों ने बचाई जान, जानें कैसा चला अमेरिकी सेना का जादू

24 घंटे पहाड़ी की दरार में छिपा रहा घायल WSO. 200 स्पेशल फोर्स ने रात में किया हाई रिस्क ऑपरेशन.

Ashutosh Rai
Edited By: Ashutosh Rai
ईरान में फंसे अमेरिकी पायलट के तीन शब्दों ने बचाई जान, जानें कैसा चला अमेरिकी सेना का जादू
Courtesy: X

अमेरिका-ईरान जंग का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला किस्सा सामने आया है. ईरान ने अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल विमान को मार गिराया. विमान के दोनों क्रू पैराशूट से बच तो गए, लेकिन वे अलग-अलग जगहों पर उतरे. पायलट को तो जल्दी ढूंढ लिया गया, लेकिन घायल वेपन्स सिस्टम ऑफिसर 24 घंटे से अधिक समय तक पहाड़ी दरार में छिपा रहा. उसने अपने कमांड को सिर्फ तीन शब्द भेजे, "God is Good".

तीन शब्द बन गए जीवन की डोर

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जब यह संदेश रेडियो पर आया, तो शुरू में अमेरिकी अधिकारी हैरान रह गए. ट्रंप ने कहा, "रेडियो पर 'Power be to God' जैसा कुछ सुनाई दिया. हमें लगा कि कोई मुस्लिम व्यक्ति बोल रहा है. यह ईरानी फोर्स का जाल हो सकता था." लेकिन बाद में पता चला कि अधिकारी बेहद धार्मिक है और उसने सच में यही कहा था. डिफेंस अधिकारियों ने पुष्टि की कि संदेश 'God is Good' ही था. इसके बाद पूरी मशीनरी हिल गई.

24 घंटे की मौत से जंग

घायल WSO पहाड़ की एक गहरी दरार में छिप गया. चारों ओर हजारों ईरानी सैनिक और स्थानीय लोग उसे ढूंढ रहे थे. तेहरान ने उसके सिर पर इनाम भी रख दिया था, लेकिन इस अधिकारी ने SERE ट्रेनिंग का कमाल दिखाया. उसने बीकन का कम से कम इस्तेमाल किया ताकि लोकेशन एक्सपोज न हो, और एन्क्रिप्टेड डिवाइस से अमेरिकी फोर्स से संपर्क बनाए रखा. अमेरिकी सर्वेलांस टेक्नोलॉजी ने आखिरकार उसकी सटीक लोकेशन ट्रैक कर ली.

CIA का धोखा

बचाव से पहले CIA ने एक बड़ा डिसेप्शन मिशन चलाया. एजेंसी ने झूठी खबर फैला दी कि एयरमैन को पहले ही ढूंढ लिया गया है और जमीनी रास्ते से बाहर निकाला जा रहा है. इस जाल ने ईरानी सर्च टीम को गलत दिशा में भेज दिया.

इजरायल की साझेदारी

ट्रंप ने बताया कि इजरायल ने भी इस ऑपरेशन में अहम मदद दी. इजरायली खुफिया एजेंसी ने ईरानी सैनिकों की मूवमेंट की जानकारी दी, जबकि इजरायली एयर फोर्स ने रेस्क्यू जोन की तरफ बढ़ रहे ईरानी बलों पर हमला करके उन्हें धीमा कर दिया.

रात का हाई रिस्क ऑपरेशन

करीब 200 अमेरिकी स्पेशल फोर्स के जवानों ने रात के अंधेरे में यह मिशन चलाया. इससे पहले दिन के उजाले में पायलट को बोल्ड एंड क्विक स्नैच ऑपरेशन से निकाला जा चुका था. दूसरा मिशन ज्यादा खतरनाक था क्योंकि WSO घायल था और चारों तरफ दुश्मन था. ट्रंप ने कहा, "हमने उसे नहीं छोड़ा. यह अमेरिकी ताकत और हमारे सहयोगियों का कमाल है." दोनों अधिकारी सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए.