कैसे होती है सिलिकॉन वैली के पुरुषों की जासूसी और लव ट्रैप में फंसाने की ट्रेनिंग? रूसी सेक्स स्पाई ने खोले राज

पूर्व रूसी सेक्स जासूस आलिया रोजा ने खुलासा किया कि कैसे रूस में एजेंटों को सिलिकॉन वैली के पुरुषों को लुभाने और जानकारी निकालने की विशेष ट्रेनिंग दी जाती है. उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया लव बॉम्बिंग और भावनात्मक हेरफेर से शुरू होती है.

@aliiaroza (Instagram)
Reepu Kumari

नई दिल्ली: रूस की पूर्व सेक्स जासूस आलिया रोजा ने अपने चौंकाने वाले खुलासों से सनसनी मचा दी है. अब अमेरिका में रह रहीं रोजा ने बताया कि कैसे उन्हें बचपन से ही लुभाने और जानकारी निकालने की कला सिखाई गई थी. उनके अनुसार, एजेंटों को यह सिखाया जाता है कि वे अपने लक्ष्य के जीवन में घुसपैठ करें और उनकी कमजोरियों का फायदा उठाएं.

आलिया ने कहा कि उन्हें और उनके साथियों को सिखाया गया था कि किसी तकनीकी या राजनीतिक व्यक्ति के मन में भरोसा कैसे जगाया जाए. सात बार मुलाकात के बाद भावनात्मक जुड़ाव बनाकर लक्ष्य से जानकारी निकलवाना उनकी रणनीति का हिस्सा था.

जासूस अपने लक्ष्य तक कैसे पहुंचते हैं?

आलिया रोजा ने बताया कि हर एजेंट को अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए बेहद सुनियोजित प्रक्रिया अपनानी होती है. 'पहली बार आप उनके जीवन में आते हैं, लेकिन असली संपर्क सातवीं बार में होता है.' वे लक्ष्य के जिम, कॉफी शॉप या ऑनलाइन अकाउंट तक पहुंच बनाते हैं. इस तरह धीरे-धीरे लक्ष्य को भरोसे में लिया जाता है ताकि वह एजेंट के इरादों पर शक न करे.

‘लव बॉम्बिंग’ क्या होती है और कैसे काम करती है?

रोजा के मुताबिक, जासूसी की शुरुआत लव बॉम्बिंग से होती है-लगातार तारीफें, आकर्षक तस्वीरें और भावनात्मक बातचीत. एजेंट खुद को कमजोर या अकेला दिखाते हैं ताकि सामने वाला मसीहा बनकर उनकी मदद करे. इस मनोवैज्ञानिक खेल से एक गहरा भावनात्मक रिश्ता बनता है.

लक्ष्य को कैसे किया जाता है मानसिक रूप से प्रभावित?

रोजा बताती हैं कि एक बार भरोसा बनने के बाद एजेंट अपने लक्ष्य को धीरे-धीरे भ्रमित करने लगते हैं. 'वे कहते हैं, तुम्हारा बॉस तुम्हें नहीं समझता, तुम्हारे सहकर्मी तुम्हारा इस्तेमाल करते हैं.' इस तरह व्यक्ति अपने बाकी रिश्तों से कटकर केवल एजेंट पर निर्भर होने लगता है. यही वह क्षण होता है जब एजेंट जानकारी मांगते हैं.

भावनात्मक ब्लैकमेल कैसे किया जाता है?

पूर्व जासूस के अनुसार, जानकारी पाने के लिए 'तनाव और डर' का माहौल बनाया जाता है. एजेंट कहते हैं, 'अगर तुमने ये नहीं किया तो मैं हमेशा के लिए चली जाऊंगी.' यह धमकी सुनकर कई लक्ष्य डर के मारे संवेदनशील जानकारियां साझा कर देते हैं.

सिलिकॉन वैली के कर्मचारी ही क्यों होते हैं निशाने पर?

रोजा ने बताया कि तकनीकी पेशेवर एजेंटों के लिए आसान लक्ष्य होते हैं क्योंकि वे अधिकतर समय ऑफिस में बिताते हैं और सामाजिक रूप से अलग-थलग रहते हैं. 'वे काम में बेहद होशियार होते हैं लेकिन रिश्तों में अनुभवहीन. यही कारण है कि एजेंट उनके करीब आसानी से पहुंच जाते हैं.'

क्या अब भी ऐसे मिशन सक्रिय हैं?

रोजा ने कहा कि उन्होंने अब अमेरिका में कोई मिशन नहीं किया, लेकिन यूके और यूरोप में इस तरह की गतिविधियां जारी हैं. उन्होंने सिलिकॉन वैली के पेशेवरों को चेतावनी दी कि अगर अचानक कोई व्यक्ति अत्यधिक रोमांटिक रुचि दिखाए तो सतर्क हो जाएं.

क्या आलिया रोजा अब भी खतरे में हैं?

साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि रूस छोड़ने के बाद से उन्हें लगातार सतर्क रहना पड़ता है. 'मुझे कभी नहीं पता कि कौन देख रहा है.' हालांकि, अब वे अमेरिका में एक स्वतंत्र जीवन जी रही हैं और लोगों को जागरूक करने का काम करती हैं.