Pakistan Afghanistan Airstrike: तालिबान ने रविवार को इस्लामाबाद को आईएसआईएस आतंकवादियों को शरण देने के खिलाफ चेतावनी दी और दावा किया कि काबुल में हाल ही में किए गए हवाई हमलों के बाद अफगान जवाबी हमलों में सीमा पर 58 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और 30 अन्य घायल हो गए.
तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने आज एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, 'पाकिस्तान को अपनी धरती से छुपे हुए महत्वपूर्ण आईएसआईएस सदस्यों को बाहर निकालना चाहिए या उन्हें इस्लामिक अमीरात को सौंप देना चाहिए...आईएसआईएस समूह अफगानिस्तान सहित दुनिया के कई देशों के लिए खतरा है.'
दरअसल, पाकिस्तान ने 9 अक्टूबर को अफगानिस्तान के काबुल, खोस्त, जलालाबाद और पक्तिका में हवाई हमले किए थे. इन हमलों का निशाना टीटीपी चीफ नूर वली मेहसूद था. इसके जवाब में अफगानिस्तान के 201 खालिद बिन वलीद आर्मी कोर ने 11 अक्टूबर की रात नंगरहार और कुनार प्रांतों में पाकिस्तान की चौकियों पर हमला बोल दिया. तालिबान शासन के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि अफगान सैनिकों ने कई पाकिस्तानी चौकियों पर कब्जा कर लिया है. वहीं कुनार और हेलमंद प्रांतों में पाकिस्तान की एक-एक चौकी को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पक्तिया प्रांत के आरयूब जाजी जिले में दोनों देशों की सेनाओं के बीच झड़पें जारी हैं.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अफगान-पाक सीमा पर यह संघर्ष लगातार बढ़ रहा है. इस लड़ाई में पाकिस्तानी सेना को ज्यादा नुकसान हुआ है. अफगान सैनिकों ने पाकिस्तानी सैनिकों के हथियार भी जब्त कर लिए हैं. लड़ाई मुख्य रूप से स्पिना शागा, गीवी और मणि जाभा इलाकों में हो रही है, जहां भारी हथियारों का इस्तेमाल जारी है. स्थानीय लोगों ने बताया कि रातभर गोलाबारी चलती रही और कई स्थानों पर आग भी लग गई.
तालिबान सरकार ने पाकिस्तान पर अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान ने पक्तिका प्रांत में एक बाजार पर बमबारी की, जो अफगान क्षेत्र के भीतर था. रक्षा मंत्रालय ने इसे एक 'भड़काऊ और हिंसक कार्रवाई' बताते हुए कहा कि अफगान सेना अपने क्षेत्र की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है.
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब तालिबान शासन के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी इन दिनों भारत की आठ दिवसीय यात्रा पर हैं. उन्होंने कहा कि अफगानों के साहस की परीक्षा नहीं ली जानी चाहिए और पाकिस्तान को इतिहास से सबक लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ अच्छे संबंध चाहता है, उन्होंने कहा कि अगर कोई हमारे साहस की परीक्षा लेना चाहता है, तो उसे सोवियत संघ, अमेरिका और नाटो से जाकर पूछना चाहिए, जिससे उन्हें समझ में आएगा कि अफगानिस्तान के साथ ये खेल खेलना सही नहीं है.