Russia-Ukraine War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और चीन रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के प्रमुख फंडर हैं. यही नहीं उन्होंने यूरोप व नाटो देशों पर भी रूस से गैस खरीदने के लिए जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि इस रक्तपात को रोकने के लिए अमेरिका और भयंकर टैरिफ लगाने के लिए पूरी तरह से तैयार है.
नाटो और यूरोपीय देशों को भी लताड़ा
ट्रंप ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध रूस की छवि को अच्छा नहीं बना रहा है. उन्होंने कहा कि यूरोप और नाटो देश रूस से ऊर्जा उत्पादों की खरीदारी में कटौती कर इस युद्ध को रोकने में अपना सहयोग करें.
#WATCH | At the 80th session of the United Nations General Assembly (UNGA), US President Donald Trump says, "...China and India are the primary funders of the ongoing war by continuing to purchase Russian oil. But inexcusably, even NATO countries have not cut off much Russian… pic.twitter.com/Cy2cDhwfg6
— ANI (@ANI) September 23, 2025
तुरंत रूस से ऊर्जा खरीद पर रोक लगाए यूरोप
ट्रंप ने कहा, 'यूरोप को तुरंत रूस से ऊर्जा खरीद पर रोक लगा देनी चाहिए.' उन्होंने चेतावनी दी कि रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देश इस युद्ध मशीन को बढ़ावा दे रहे हैं.
.@POTUS: In the event that Russia is not ready to make a deal to end the war, then the United States is fully prepared to impose a very strong round of powerful tariffs... But for those tariffs to be effective, European nations would have to join us in adopting the exact same… pic.twitter.com/b4WvZ7dC1F
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) September 23, 2025
संयुक्त राष्ट्र पर भी जमकर बरसे ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र की आलोचना करते हुए कहा कि यह संगठन अक्सर समस्याओं का समाधान करने के बजाय उसे बढ़ाता रहता है. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र का काम युद्धों को रोकना है ना कि उन्हें बढ़ाना और उन्हें वित्तपोषित करना.