अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को दावा किया कि रूस और यूक्रेन एक-दूसरे के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने के लिए सहमत हो गए हैं. उन्होंने इसे तत्काल प्रभाव से लागू होने वाला ‘एनर्जी सीजफायर’ बताया. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि दोनों पक्ष सहमत हैं और इस समझौते को तोड़ना नहीं चाहिए. हालांकि, उन्होंने इस समझौते की शर्तों और अवधि के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी.
US President Donald Trump posts on Truth Social: "Effective immediately, there is an ENERGY CEASEFIRE in the War between Russia and Ukraine. Both parties have agreed. Do not break it! Thank you for your attention to this matter. President DONALD J. TRUMP" https://t.co/ehIACyCJpZ
— ANI (@ANI) October 11, 2026
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिकी चैनल एबीसी के कार्यक्रम ‘दिस वीक’ में कहा कि रूस पर युद्ध समाप्त करने के लिए पर्याप्त दबाव नहीं बनाया जा रहा है. उन्होंने दोहराया कि यूक्रेन संघर्षविराम के लिए तैयार है और तनाव कम करने के किसी भी कदम पर सहमत हो सकता है.
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए भी तैयार है, बशर्ते रूस भी ऐसा ही करे. उन्होंने रूस से यूक्रेन पर हमले रोकने और बच्चों की जान बचाने की अपील की.
ट्रंप ने इससे पहले जेलेंस्की से रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने की अपील की थी. उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति को पद छोड़ने पर विचार करने का सुझाव भी दिया था.
दोनों नेताओं के बीच तनाव उस समय बढ़ा, जब ट्रंप ने रूसी डीजल को वैश्विक बाजार में उपलब्ध कराने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ काम करने की बात कही. इस फैसले के लिए अमेरिकी प्रतिबंधों में छूट देने की जरूरत थी. अमेरिका में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक, दोनों दलों के नेताओं ने इसकी आलोचना की.
जेलेंस्की ने चिंता जताई कि रूसी डीजल के निर्यात से मॉस्को को युद्ध जारी रखने के लिए अतिरिक्त संसाधन मिल सकते हैं. वहीं, व्हाइट हाउस ने प्रस्तावित ऊर्जा संघर्षविराम की शर्तों पर तत्काल कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी. ऐसे में समझौते के क्रियान्वयन और इसकी अवधि को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है.