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'या तो लड़ें या मर जाएं, दूसरा कोई विकल्प नहीं...,' लंदन में भड़की इमिग्रेशन विरोध रैली में एलन मस्क का जवाबी हमला

टेस्ला के मालिक एलन मस्क ने लंदन में एक अति-दक्षिणपंथी आव्रजन विरोधी रैली को संबोधित करते हुए चेतावनी दी कि यदि अनियंत्रित प्रवास जारी रहा तो "हिंसा होगी". इस दौरान मस्क ने लोगों से ब्रिटेन में शासन सत्ता बदलने की अपील की.

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Mayank Tiwari

अरबपति उद्योगपति एलन मस्क ने लंदन में दक्षिणपंथी नेता टॉमी रॉबिन्सन द्वारा आयोजित 'यूनाइट द किंगडम' रैली को वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए ब्रिटेन में शासन परिवर्तन की मांग की. उन्होंने चेतावनी दी कि देश विनाश के कगार पर है. शनिवार (13 सितंबर) को लगभग 1,10,000 लोगों की भीड़ को संबोधित करते हुए मस्क ने कहा, “ब्रिटिश होने में एक खूबसूरती है, लेकिन यहां जो हो रहा है, वह ब्रिटेन का विनाश है. यह एक धीमी क्षरण के साथ शुरू हुआ, जो अब अनियंत्रित आप्रवास के कारण तेजी से बढ़ रहा है.” मस्क ने जोर देकर कहा कि “हिंसा आ रही है” और प्रदर्शनकारियों के सामने दो ही विकल्प हैं: “लड़ो या मरो.”

टेस्ला के मालिक एलन मस्क ने अपने संबोधन में कहा, “मेरा संदेश उन लोगों के लिए है, अगर यह स्थिति जारी रही, तो हिंसा आपके पास आएगी, आपके पास कोई विकल्प नहीं होगा. आप एक ऐसी स्थिति में हैं जहां हिंसा चुनें या न चुनें, हिंसा आपके पास आ रही है. या तो आप लड़ते हैं या मर जाते हैं, यही सच है.”

ब्रिटेन में सरकार बदलनी होगी- एलन मस्क

उन्होंने कीर स्टार्मर के नेतृत्व वाली लेबर सरकार को सत्ता से हटाने की मांग करते हुए कहा, “मुझे वास्तव में लगता है कि ब्रिटेन में सरकार बदलनी होगी. हमारे पास अगले चार साल या अगले चुनाव तक का समय नहीं है, यह बहुत लंबा है. कुछ करना होगा. संसद को भंग करना होगा और नए सिरे से मतदान कराना होगा.”

हालिया हिंसा का मस्क ने दिया हवाला 

अरबपति कारोबारी एलन मस्क ने हाल ही में अमेरिका में रूढ़िवादी कार्यकर्ता चार्ली किर्क की हत्या का जिक्र करते हुए वामपंथियों पर हिंसा का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, “वामपंथ की ओर से इतनी हिंसा हो रही है, हमारे दोस्त चार्ली किर्क की इस हफ्ते निर्मम हत्या कर दी गई और वामपंथी लोग खुलेआम इसका जश्न मना रहे हैं.”

रैली में हिंसा और गिरफ्तारियां  

टॉमी रॉबिन्सन के नेतृत्व वाली इस रैली में 1,10,000 से ज्यादा लोग शामिल हुए, जिसमें स्थिति उस समय बेकाबू हो गई जब प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने पुलिस के साथ झड़प की. मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अनुसार, कई पुलिसकर्मियों पर मुक्के, लातें और बोतलें फेंकी गईं. 1,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को समर्थन देने के लिए हेलमेट और दंगा ढालों के साथ अतिरिक्त बल तैनात किया गया.

इस हिंसा में 26 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें चार की हालत गंभीर है. सभी घायलों को दांत टूटने, सिर में चोट, संभावित नाक की हड्डी टूटने और रीढ़ की हड्डी में चोट की शिकायतें दर्ज की गईं. कम से कम 25 लोगों को हिंसक व्यवहार, हमला और आपराधिक क्षति के आरोप में गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने कहा कि जांच अभी जारी है.

इमिग्रेशन पर बढ़ता विवाद 

रैली को मुक्त भाषण के समर्थन में प्रदर्शन के रूप में प्रचारित किया गया था, लेकिन इसमें यूरोप भर के दक्षिणपंथी नेताओं और प्रभावशाली व्यक्तियों ने इमिग्रेशन पर केंद्रित भाषण दिए. इस मुद्दे ने पूरे यूरोप में सरकारों को तनाव में डाल रखा है. दूसरी ओर, 'मार्च अगेंस्ट फासिज्म' रैली, जिसे स्टैंड अप टू रेसिज्म ने आयोजित किया था, उसमें लगभग 5,000 लोग शामिल हुए.

बता दें कि, ब्रिटेन में इंग्लिश चैनल के रास्ते अवैध आप्रवासियों के आने और हाल ही में एक इथियोपियाई शख्स द्वारा 14 साल की नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के मामले ने तनाव को और बढ़ा दिया है, जिसके बाद आप्रवास-विरोधी प्रदर्शनों में हिंसा भड़क उठी.