गाजियाबाद में ग्रीन बेल्ट पर बने अवैध मजार पर चला बुलडोजर, भारी पुलिस बल रहा तैनात
गाजियाबाद के लोनी स्थित ट्रॉनिका सिटी में प्रशासन ने ग्रीन बेल्ट की जमीन पर बने एक कथित अवैध मजार को ध्वस्त कर दिया. कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे क्षेत्र की निगरानी की गई.
दिल्ली से सटे गाजियाबाद जिले में रविवार को प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. लोनी के ट्रॉनिका सिटी क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट की जमीन पर बने एक कथित अवैध निर्माण को बुलडोजर से हटाया गया. प्रशासन का कहना है कि यह निर्माण यूपीसीडा की भूमि पर किया गया था और पहले जारी किए गए नोटिस के बावजूद इसे नहीं हटाया गया. किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पूरे इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे.
जांच के बाद लिया गया फैसला
अधिकारियों के अनुसार ट्रॉनिका सिटी गेट नंबर-1 के पास स्थित निर्माण की पहले जांच कराई गई थी. जांच रिपोर्ट में संबंधित जमीन को यूपीसीडा की संपत्ति और ग्रीन बेल्ट का हिस्सा बताया गया. इसके बाद संबंधित पक्ष को निर्माण हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया. प्रशासन का कहना है कि तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर ध्वस्तीकरण का निर्णय लिया गया. इसके लिए पहले से पूरी तैयारी की गई थी ताकि प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सके.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में रखा गया. पीएसी, आरएएफ और स्थानीय पुलिस सहित बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी मौके पर मौजूद रहे. अधिकारियों ने आसपास के इलाकों पर भी नजर बनाए रखी. वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहे और पूरे अभियान की निगरानी करते रहे. प्रशासन ने दावा किया कि कार्रवाई के दौरान कहीं भी तनाव या अव्यवस्था की स्थिति नहीं बनी.
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सरकारी भूमि पर कब्जा स्वीकार्य नहीं
प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक भूमि पर किसी भी तरह के अवैध कब्जे को स्वीकार नहीं किया जाएगा. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा. इसके लिए संबंधित विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं.
FIR की तैयारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि निर्माण किसके द्वारा कराया गया था. डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी के अनुसार जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि दोषियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है.