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इमारत हादसे के बाद कुवैत पहुंचे विदेश मंत्री जयशंकर, जान लें किन-किन मुद्दों पर हुई बात

EAM Jaishankar: रविवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर एकदिवसीय यात्रा पर कुवैत पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कुवैत के प्रधानमंत्री से मुलाकात की और दोनों देशों के संबंधों को और ऊंचाई पर ले जाने के तरीकों पर भी चर्चा की. विदेश मंत्री ने इस दौरान क्राउन प्रिंस से भी मुलाकात की.

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इमारत हादसे के बाद कुवैत पहुंचे विदेश मंत्री जयशंकर, जान लें किन-किन मुद्दों पर हुई बात
Courtesy: Social Media

EAM Jaishankar: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को कुवैती प्रधानमंत्री शेख मुहम्मद सबा अल-सलेम अल-सबाह और क्राउन प्रिंस शेख सबा अल-खालिद अल-सबाह से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों को उच्च स्तर पर ले जाने के तरीकों पर चर्चा की.  रविवार को एक दिवसीय यात्रा पर यहां पहुंचे जयशंकर ने भारत-कुवैत संबंधों को मजबूत करने के बारे में शेख सबा के विचारों की सराहना की और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से उन्हें शुभकामनाएं दीं.

जयशंकर ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि कुवैत के प्रधानमंत्री महामहिम शेख डॉ. मुहम्मद सबा अल-सलेम अल-सबाह से मुलाकात कर प्रसन्नता हुई.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं उन्हें पहुंचाईं. उन्होंने कहा कि भारत-कुवैत संबंधों को मजबूत बनाने के बारे में उनके दृष्टिकोण की सराहना की.  आगे के आर्थिक सहयोग के संबंध में उनके विचारों को महत्व दिया.

 क्राउन प्रिंस से की मुलाकात 

जयशंकर ने इससे पहले क्राउन प्रिंस शेख सबा अल-खालिद अल-सबा से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों को उच्च स्तर पर ले जाने के बारे में उनकी राय मांगी. उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा कि कुवैत के क्राउन प्रिंस महामहिम शेख सबा अल-खालिद अल-सबाह अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से मुलाकात कर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं.  राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की शुभकामनाएं पहुंचाईं. 

सदियों पुराने संबंध 

जयशंकर ने कहा कि भारत और कुवैत के बीच सद्भावना और मित्रता के सदियों पुराने संबंध हैं.  हमारी समकालीन साझेदारी लगातार बढ़ रही है. हमारे संबंधों को और ऊंचे स्तर पर ले जाने के लिए उनके मार्गदर्शन और अंतर्दृष्टि के लिए उनका धन्यवाद. इससे पहले, जयशंकर का देश पहुंचने पर उनके कुवैती समकक्ष अब्दुल्ला अली अल-याह्या ने स्वागत किया. 

अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत

विदेश मंत्रालय ने यात्रा से पहले एक बयान में कहा कि जयशंकर की यात्रा से दोनों पक्षों को राजनीतिक, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, सुरक्षा, सांस्कृतिक, कांसुलरी और लोगों के बीच संपर्क सहित भारत-कुवैत द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करने के साथ-साथ आपसी हित के क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर मिलेगा. उनका यह बयान कुवैत की एक इमारत में लगी भीषण आग में 45 भारतीयों की मौत के करीब दो महीने बाद आया है. जून में कुवैत की सात मंजिला इमारत में लगी आग में कम से कम 49 विदेशी कर्मचारी मारे गए थे और 50 अन्य घायल हो गए थे.