ईरान के इस गुप्त ठिकाने पर ट्रंप की नजर, कभी भी हो सकता है हमला! आखिर ‘पिकैक्स’ में ऐसा क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के भूमिगत परमाणु ठिकाने पिकैक्स माउंटेन को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर वहां किसी तरह की गतिविधि नजर आई तो अमेरिका बहुत जल्द इस ठिकाने को निशाना बना सकता है.
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर ऐसे मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है, जहां एक भूमिगत परमाणु ठिकाना चर्चा के केंद्र में आ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को संकेत दिया कि ईरान के पिकैक्स माउंटेन को बहुत जल्द निशाना बनाया जा सकता है. ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कार्रवाई की जा सकती है.
ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य अभियान का बचाव करते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है. उन्होंने दावा किया कि पांच महीने की कार्रवाई के बाद ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा. ट्रंप ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अगर पिकैक्स में कुछ होता हुआ दिखाई दिया, तो अमेरिका कार्रवाई कर सकता है. उनके बयान ने ईरान के इस बेहद सुरक्षित भूमिगत परिसर को फिर सुर्खियों में ला दिया है.
ट्रंप ने दी सीधे हमले की चेतावनी
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका पिकैक्स को बहुत जल्द निशाना बना सकता है. उनका दावा है कि अमेरिकी खुफिया तंत्र इस जगह पर आने जाने वाले लोगों और ईरान के अन्य हिस्सों की गतिविधियों की जानकारी रखता है. उन्होंने कहा कि अगर स्थिति बिगड़ती है तो अमेरिका हमला करेगा और कड़ी कार्रवाई करेगा. ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
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परमाणु ठिकाना जमीन के भीतर कितना सुरक्षित है
पिकैक्स माउंटेन ईरान की बुरी तरह क्षतिग्रस्त नतांज यूरेनियम संवर्धन सुविधा के पास स्थित है. इसे बेहद मजबूत भूमिगत परिसर बताया जाता है. यहां जमीन के काफी नीचे दो सुरंग प्रणालियां मौजूद हैं. इसी वजह से यह जगह सामान्य परमाणु प्रतिष्ठानों की तुलना में अधिक सुरक्षित मानी जाती है. भूमिगत स्थिति के कारण किसी भी संभावित सैन्य कार्रवाई में इस ठिकाने को निशाना बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.
हजारों सेंट्रीफ्यूज पहुंचाने का दावा
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की पहले की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली खुफिया अधिकारियों का मानना है कि ईरान ने हजारों सेंट्रीफ्यूज को इस गहरे भूमिगत परिसर में स्थानांतरित किया है. सेंट्रीफ्यूज का इस्तेमाल यूरेनियम संवर्धन की प्रक्रिया में किया जाता है. यही वजह है कि पिकैक्स माउंटेन को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी हुई है. हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस परिसर के अंदर की मौजूदा गतिविधियों का पूरा विवरण सामने नहीं आया है.
अमेरिका ईरान तनाव में बढ़ सकती है गर्मी
ट्रंप के ताजा बयान से साफ है कि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बेहद सख्त रुख बनाए हुए है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी अभियान का उद्देश्य परमाणु हथियार को रोकना है. साथ ही पिकैक्स पर नजर रखने की बात कहकर उन्होंने ईरान को सीधी चेतावनी दी है. यदि अमेरिका को इस ठिकाने पर गतिविधि दिखाई देती है, तो ट्रंप के अनुसार वहां सैन्य कार्रवाई की जा सकती है.