'...तब बड़ी मछली छोटी मछली को खाने लगती है', पीएम मोदी का दुनिया को संदेश
पीएम ने चाणक्य के अर्थशास्त्र का जिक्र करते हुए कहा कि जब व्यवस्था कमजोर पड़ती है तो मत्स्य न्याय पैदा होता है और दुनिया को ऐसी व्यवस्था की जरूरत है जो मत्स्य न्याय को रोके.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने वैश्विक दौड़ में भारत की भूमिका का जिक्र किया. पीएम ने कहा कि वैश्विक क्रम यानी वर्ल्ड ऑर्डर बदल रहा है तो फिर व्यवस्था भी उसी के अनुसार बदलनी चाहिए. यूएन में सुधार की बात दोहराते हुए पीएम ने कहा कि यदि व्यवस्था नहीं रही तो फिर मत्स्य न्याय होने लगता है. बड़ी मछली छोटी मछली को खाने लगती है. पीएम ने चाणक्य के अर्थशास्त्र का जिक्र करते हुए कहा कि जब व्यवस्था कमजोर पड़ती है तो मत्स्य न्याय पैदा होता है और दुनिया को ऐसी व्यवस्था की जरूरत है जो मत्स्य न्याय को रोके.