नई दिल्ली: डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में अपने एकतरफा टैरिफ अधिकारों पर सुनवाई से पहले चिंता जाहिर की है. ट्रंप ने कहा कि यदि अदालत उनके पक्ष में फैसला नहीं देती, तो अमेरिकी सरकार को पहले से वसूले गए टैरिफ लौटाने में भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह नुकसान सैकड़ों अरब या खरबों डॉलर तक हो सकता है और इसके लिए वर्षों तक आर्थिक योजना बनानी पड़ेगी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ही लगाए टैरिफ को लेकर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले चिंता जताई है. उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि यदि अदालत सरकार के पक्ष में नहीं फैसला देती है, तो देश को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा. ट्रंप का कहना है कि सरकार को पहले वसूले गए टैरिफ वापस करना होगा, जिससे खर्च और समय दोनों बढ़ जाएंगे.
ट्रंप ने कहा कि टैरिफ लौटाने की प्रक्रिया काफी जटिल होगी. उन्होंने अनुमान लगाया कि सरकार को सैकड़ों अरब डॉलर या खरबों डॉलर का नुकसान उठाना पड़ सकता है. इसके लिए केवल पैसों की वापसी ही नहीं, बल्कि कई देशों में निवेश करके प्लांट और फैक्ट्री स्थापित करनी पड़ सकती हैं. उनका यह बयान अदालत पर दबाव डालने के रूप में देखा जा रहा है.
ट्रंप के एकतरफा टैरिफ अधिकारों को कई व्यापारिक समूहों और विपक्षी पार्टियों ने अदालत में चुनौती दी है. सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले पर विचार कर रही है. ट्रंप लगातार सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर अपने विचार साझा कर रहे हैं और अदालत से जल्द फैसले की उम्मीद कर रहे हैं. उनके अनुसार, यदि फैसला उनके खिलाफ आता है, तो आर्थिक गणना में वर्षों लग सकते हैं.
विशेषज्ञों के मुताबिक, ट्रंप के टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट का नकारात्मक फैसला अमेरिकी अर्थव्यवस्था में व्यापक प्रभाव डाल सकता है. न केवल सरकार को बड़े पैमाने पर राशि लौटानी पड़ेगी, बल्कि व्यापारिक साझेदारियों और निवेश योजनाओं में भी बाधा आएगी. इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता और अमेरिकी डॉलर पर दबाव बढ़ सकता है.
ट्रंप ने अदालत से पहले सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी रणनीति दिखाई. उन्होंने लिखा कि उनके पक्ष में न आने पर भी सरकार पूरी तरह तैयार है. अमेरिका के नागरिक और व्यापारिक जगत इस फैसले की दिशा को लेकर चिंतित हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि यह मामला न केवल अमेरिकी अर्थव्यवस्था, बल्कि वैश्विक व्यापार पर भी असर डाल सकता है.