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India Daily

पहले बताया मानसिक रूप से 'बीमार' अब दिया व्हाइट हाउस का न्योता, इस नेता के साथ बात करना चाहते हैं ट्रंप

कोलंबिया के नेता गुस्तावो पेट्रो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन कॉल पर बात की है. इस दौरान दोनों देशों के बीच कई मुद्दे पर बातचीत हुई है.

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Edited By: Shanu Sharma
पहले बताया मानसिक रूप से 'बीमार' अब दिया व्हाइट हाउस का न्योता, इस नेता के साथ बात करना चाहते हैं ट्रंप
Courtesy: X ( @warsurveillance,@rpcradiolorica)

नई दिल्ली: वेनेजुएला पर एक्शन के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपित डोनाल्ड ट्रंप की नजरें कुछ और देशों पर भी है. उन्होंने कोलंबिया के नेता गुस्तावो पेट्रो को कई बार चेतावनी दी है. हालांकि लगातार जलील करने के बाद अब उन्हें बातचीत के लिए व्हाइट हाउस आने का भी न्योता दिया है. इस बात की जानकारी खुद डोनाल्ड ट्रंप ने दी है. 

अमेरिका और कोलंबिया के बीच रिश्ते अच्छे नहीं हैं. वेनेजुएला की तरह कोलंबिया पर भी प्रेसिडेंट ट्रंप नशीली दवाओं की तस्करी का आरोप लगाते रहे हैं. इतना ही नहीं उन्होंने कुछ दिनों पहले पेट्रो को मानसिक रूप से 'बीमार' तक बता दिया था.

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी

डोनाल्ड ट्रंप ने इस न्योता के बारे में जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया. जिसमें उन्होंने कहा कि कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो से बात करने का अवसर मिला. उन्होंने ड्रग्स और अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए कॉल की थी. मैंने उनके फोन और लहजे की सराहना की और जल्द ही उनसे मिलने की उम्मीद करता हूं.

वहीं पेट्रो का कहना है कि उन्होंने वेनेजुएला के मुद्दे पर भी चर्चा की है. इस बीच इस फोन कॉल को लेकर सामने आ रही जानकारी के मुताबिक यह कॉल कोलंबिया के अमेरिका में राजदूत, डैनियल गार्सिया-पेना ने तय की थी. डैनियल का अमेरिका में अच्छे संबंध हैं. कुछ रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि यह कॉल लगभग 45 मिनट तक चली थी.

कोलंबिया और अमेरिका के रिश्ते 

गौरतलब है कि पेट्रो और ट्रंप के बीच पिछले साल से ही संबंध अच्छे नहीं थे. कुछ दिनों पहले पेट्रो ने अपने सैनिकों से ट्रंप के आदेशों का पालन ना करने का आदेश दिया था. जिसके जबाव में अमेरिका ने पेट्रो का वीजा रद्द कर दिया. इतना ही नहीं वाशिंगटन ने कथित तौर पर ड्रग तस्करी को बढ़ावा देने के लिए पेट्रो और उनके करीबी लोगों पर व्यक्तिगत रूप से प्रतिबंध भी लगाए. हालांकि इस कॉल के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि दोनों देशों के बीच थोड़ी नरमी आ सकती है. हालांकि इन दिनों ने अपनी अलग रणनीति तैयार की है. जिसमें कभी भी कुछ भी हो सकता है.