menu-icon
India Daily

'6 फरवरी तक दफ्तर आओ नहीं तो फायर कर दूंगा', डोनाल्ड ट्रंप ने सरकारी कर्मचारियों को दिया अल्टीमेटम

संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने देश के संघीय कर्मचारियों से कहा है कि वे 6 फरवरी तक कार्यालय लौट आएं और व्यक्तिगत रूप से काम करें, अन्यथा उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाएगा.

Gyanendra Tiwari
'6 फरवरी तक दफ्तर आओ नहीं तो फायर कर दूंगा', डोनाल्ड ट्रंप ने सरकारी कर्मचारियों को दिया अल्टीमेटम
Courtesy: Social Media

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक कड़ा संदेश दिया, जिसमें उन्होंने अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों से कहा कि वे 6 फरवरी तक दफ्तर आकर काम पर लौट आएं, वरना उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाएगा. यह कदम ट्रंप प्रशासन की ओर से घर से काम (remote work) पर नियंत्रण करने की कोशिश का हिस्सा है.

ट्रंप का अल्टीमेटम

ट्रंप ने कहा, "अगर वे 6 फरवरी तक दफ्तर में काम करने के लिए नहीं आते हैं, तो उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाएगा. इसके साथ ही हम अपने सरकारी ढांचे को संकुचित करेंगे, जो कि पिछले 10 राष्ट्रपति करने की कोशिश कर चुके थे, लेकिन सफल नहीं हो पाए."

यह बयान तब आया जब अमेरिका के ऑफिस ऑफ पर्सनल मैनेजमेंट (OPM) ने करीब दो मिलियन सरकारी कर्मचारियों को एक संदेश भेजा, जिसमें उन्हें 6 फरवरी तक अपने फैसले लेने को कहा गया. OPM के अनुसार, जो कर्मचारी वापस दफ्तर नहीं लौटेंगे, उन्हें एक "डिफर्ड रिज़िग्नेशन प्रोग्राम" के तहत इस्तीफा देने का विकल्प मिलेगा.

कर्मचारियों के लिए विकल्प

OPM ने बताया कि अधिकांश कर्मचारियों को सप्ताह में पांच दिन दफ्तर में काम करने की आवश्यकता होगी. जो कर्मचारी काम पर लौटने से मना करेंगे, उन्हें सरकारी नौकरी से इस्तीफा देने का मौका मिलेगा. इस इस्तीफे के तहत कर्मचारी 30 सितंबर, 2025 तक अपनी वेतन और लाभों का लाभ उठाते रहेंगे, लेकिन उन्हें दफ्तर आने की आवश्यकता नहीं होगी.

सरकार को छोटा और प्रभावी बनाने की योजना

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "हम मानते हैं कि एक बड़ा हिस्सा काम पर नहीं लौटेगा, और इसलिए हमारी सरकार छोटे और अधिक प्रभावी तरीके से काम करेगी. यही कुछ दशकों से हम हासिल करना चाहते थे." उनका यह बयान सरकार की कार्यप्रणाली में बदलाव की ओर इशारा करता है.

नौकरी के दौरान दूसरे काम की जांच

ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर सरकारी कर्मचारी किसी और काम में भी लगे हुए थे, तो यह गैरकानूनी होगा. उन्होंने यह सुझाव दिया कि कर्मचारियों से यह साबित करने को कहा जा सकता है कि उन्होंने सरकारी नौकरी के दौरान किसी और नौकरी में काम नहीं किया.