अगर US-ईरान बातचीत नाकाम होती है तो क्या होगा, जानें ट्रंप का बैकअप प्लान?
डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य हर हाल में खोला जाएगा. पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बातचीत के बीच यह मुद्दा सबसे अहम बन गया है.
नई दिल्ली: इस्लामाबाद में पाकिस्तान और अमेरिका के बीच होने वाली शांति वार्ता से पहले, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को किसी भी कीमत पर खोला जाएगा. उन्होंने ऐलान किया कि युद्धविराम को लेकर सहमति बने या न बने, होर्मुज का खुलना तय है. डोनाल्ड ट्रंप बार-बार कहते रहे हैं कि ईरान पर हमला करके उन्होंने अपने मकसद हासिल कर लिए हैं और अब उनका मौजूदा लक्ष्य होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवाना है.
होर्मुज के बंद होने से दुनिया भर के ज्यादातर देशों पर बुरा असर पड़ा है. दुनिया का 20 प्रतिशत तेल व्यापार इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है. ट्रंप ने कहा, 'हमने जीत हासिल कर ली है और अब हम खाड़ी के इस जलमार्ग को खोलने जा रहे हैं. इसे पूरा करने के लिए किसी डील की जरूरत नहीं है.'
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ट्रंप ने ईरान के बारे में क्या कहा?
खास तौर पर ईरान के बारे में बात करते हुए ट्रंप ने कहा, 'उनकी नौसेना खत्म हो चुकी है, उनकी वायुसेना खत्म हो चुकी है, उनके शीर्ष नेता खत्म हो चुके हैं. अब उनके पास बचा ही क्या है?' इस्लामाबाद रवाना होने से पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा, 'अगर ईरानी नेक इरादे से बातचीत करने को तैयार हैं, तो हम उनका स्वागत करते हैं. लेकिन अगर वे हमारे साथ कोई चाल चलने की सोच रहे हैं, तो उन्हें कोई अच्छा जवाब नहीं मिलेगा.'
मोहम्मद बाघर गालिबफ ने क्या कहा?
बातचीत में ईरान का प्रतिनिधित्व करते हुए संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ ने कहा कि दोनों पक्षों की तरफ से दो खास वादे अभी पूरे नहीं हुए हैं, बातचीत तभी शुरू होगी जब ये वादे पूरे हो जाएंगे.
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या दी चेतावनी?
डोनाल्ड ट्रंप ने जोर देकर कहा है कि ईरानी आज सिर्फ इसलिए जिंदा हैं क्योंकि बातचीत हो रही है. उन्होंने कहा कि शायद ईरानियों को यह एहसास नहीं है कि उनके पास दुनिया को थोड़े समय के लिए ब्लैकमेल करने के अलावा कोई और ताकत नहीं है. यह ब्लैकमेल वे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों का इस्तेमाल करके करते हैं.
इसके जरिए उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के रणनीतिक नियंत्रण की ओर इशारा किया. ईरान पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि ईरानी लड़ने के मुकाबले फेक न्यूज मीडिया और जनसंपर्क को संभालने में कहीं ज्यादा माहिर हैं.