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शाहबाज-मुनीर के चीन पहुंचते ही 'ड्रैगन' ने कर दी नापाक हरकत, कश्मीर मसले पर फिर उगला जहर

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर चीन की यात्रा पर हैं. इस दौरान चीन ने कश्मीर मुद्दे को लेकर टिप्पणी की है.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: चीन ने एक बार फिर पाकिस्तान का साथ देते हुए कश्मीर मुद्दे पर टिप्पणी की है. यह बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के बीजिंग दौरे के दौरान आया है जहां दोनों नेताओं ने चीनी अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठकें कीं. गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है.

चीन की यात्रा पर हैं शहबाज शरीफ

इस यात्रा के दौरान चीन और पाकिस्तान ने कश्मीर को लेकर एक संयुक्त बयान जारी किया. इस घोषणापत्र में दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पुराने प्रस्तावों के तहत शांतिपूर्ण बातचीत के जरिए इस मुद्दे को सुलझाने का समर्थन किया है. यह बयान बीजिंग के 'ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल' में हुई बैठकों के बाद जारी किया गया था.

चीन-पाकिस्तान इकॉनोमिक कोरिडोर का भी जिक्र

संयुक्त घोषणापत्र में 'चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे' का भी जिक्र किया गया है जो चीन को पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट से जोड़ने वाला एक बड़ा प्रोजेक्ट है. इस कॉरिडोर का एक बड़ा हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के गिलगित-बाल्टिस्तान से होकर गुजरता है जिसे भारत अपना क्षेत्र मानता है. इसी वजह से भारत इस प्रोजेक्ट पर बार-बार आपत्ति जताता रहा है और इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताता आया है.

कई विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में चीन का बढ़ता दखल हिंद महासागर और अरब सागर में अपनी मौजूदगी को मजबूत करने की एक रणनीतिक चाल है. ग्वादर पोर्ट के जरिए चीन को महत्वपूर्ण व्यापारिक और सैन्य मार्गों तक लंबे समय के लिए पहुंच मिल सकती है जिस पर भारत सुरक्षा के लिहाज से पैनी नजर रखता है.

शी जिनपिंग पहले भी करते रहे हैं पाकिस्तान की तारीफ

इससे पहले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शहबाज शरीफ से मुलाकात की और चीन-पाकिस्तान की पुरानी दोस्ती की तारीफ भी की. शी जिनपिंग ने इस रिश्ते को 'अटू' बताया और शरीफ को एक 'पुराना दोस्त' कहा. उन्होंने पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों का समर्थन करने के लिए पाकिस्तान की तारीफ भी की. बदले में शरीफ ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के दौरान पाकिस्तान की राजनयिक भूमिका का समर्थन करने के लिए चीन का शुक्रिया अदा किया.

गौरतलब है कि भारत ने अतीत में भी ऐसे बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. भारतीय अधिकारियों ने बार-बार दोहराया है कि जम्मू-कश्मीर देश का अटूट हिस्सा है और साल 2019 में किए गए संवैधानिक बदला जिसमें आर्टिकल 370 को हटाना शामिल है. सूत्रों के मुताबिक अब कश्मीर से जुड़े मुद्दों पर बाहरी देशों के दखल की कोई गुंजाइश नहीं है.