ट्रंप ने रूस के सामने बदला रुख, पुतिन से बातचीत के बाद डीजल पर हटाई पाबंदी; अमेरिका भी खरीदेगा तेल

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत के बाद रूसी डीजल की बिक्री पर लगी पाबंदियां हटाने का ऐलान किया है.

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Reepu Kumari

अमेरिका और रूस के रिश्तों में एक ऐसा मोड़ आया है, जिसने ऊर्जा बाजार को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है. रूस पर सख्त रुख अपनाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी डीजल की बिक्री पर लगी पाबंदियों में ढील देने का फैसला किया है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत के बाद हुए इस ऐलान के तहत रूस से अमेरिका को भी डीजल की आपूर्ति की जाएगी.

इस फैसले के पीछे ईंधन की बढ़ती कीमतें और बाजार में आपूर्ति का दबाव अहम वजहें हैं. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि रूस अलग-अलग चरणों में बड़ी मात्रा में डीजल उपलब्ध कराएगा. अमेरिकी वित्त विभाग ने भी प्रतिबंधों में छूट की पुष्टि की है. ऐसे में सवाल है कि इस फैसले से अमेरिकी बाजार को कितनी राहत मिलेगी और वैश्विक ईंधन कारोबार पर इसका क्या असर पड़ सकता है.

पुतिन से बातचीत के बाद ट्रंप का बड़ा ऐलान

ट्रंप ने शुक्रवार को पुतिन से बातचीत के बाद रूसी डीजल की बिक्री पर लगी पाबंदियां हटाने की घोषणा की. उनके मुताबिक, रूस तुरंत अमेरिकी और वैश्विक बाजारों में 3 लाख टन से अधिक डीजल की आपूर्ति करेगा. इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन अतिरिक्त डीजल भेजने की बात कही गई है. ट्रंप ने यह भी कहा कि इसके तुरंत बाद रूस 10 लाख टन डीजल की और आपूर्ति करेगा.


अप्रैल 2027 तक मिली प्रतिबंधों से छूट

अमेरिकी वित्त विभाग के अनुसार, रूस में बने डीजल की बिक्री, डिलीवरी, अनलोडिंग और आयात से जुड़े कुछ प्रतिबंधित लेन-देन को मंजूरी दी गई है. यह छूट 7 अप्रैल 2027 को रात 12:01 बजे ईस्टर्न डेलाइट टाइम तक प्रभावी रहेगी. इसमें अमेरिका में डीजल का आयात भी शामिल है. यह घोषणा ट्रंप और पुतिन की बातचीत के कुछ ही मिनटों बाद आई, जिसमें ईंधन की आपूर्ति बढ़ाने पर सहमति की बात कही गई.

रूस से आएगा अतिरिक्त 30 लाख टन डीजल

ट्रंप ने कहा कि शुरुआती आपूर्ति के बाद रूस अपनी रिफाइनरियों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कम समय में 30 लाख टन अतिरिक्त डीजल भी उपलब्ध करा सकता है. हालांकि, यह आपूर्ति रिफाइनरियों की क्षमता और स्थिति पर निर्भर करेगी. इस तरह अमेरिका को रूसी ईंधन मिलने का रास्ता खुलने से बाजार में उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है. लेकिन इसका वास्तविक असर आपूर्ति की मात्रा और समय पर निर्भर करेगा.