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ट्रंप के फैसले ने चौंकाया, ईरान से जान का खतरा फिर भी छीन ली माइक पोम्पियो की सिक्योरिटी

डोनाल्ड ट्रंप ने, ईरान से लगातार खतरों की चेतावनी के बावजूद, अपने पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और पूर्व उच्च स्तरीय सहयोगी ब्रायन हुक की सुरक्षा वापस ले ली है. यह निर्णय बाइडेन प्रशासन के द्वारा दिए गए खतरे के मूल्यांकन के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि इन दोनों नेताओं को ईरान से खतरा है क्योंकि उन्होंने ट्रंप की ओर से फैसले लिये हैं.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
ट्रंप के फैसले ने चौंकाया, ईरान से जान का खतरा फिर भी छीन ली माइक पोम्पियो की सिक्योरिटी

डोनाल्ड ट्रंप ने, ईरान से लगातार खतरों की चेतावनी के बावजूद, अपने पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और पूर्व उच्च स्तरीय सहयोगी ब्रायन हुक की सुरक्षा वापस ले ली है. यह निर्णय बाइडेन प्रशासन के द्वारा दिए गए खतरे के मूल्यांकन के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि इन दोनों नेताओं को ईरान से खतरा है क्योंकि उन्होंने ट्रंप की ओर से फैसले लिये हैं.

ईरान के खिलाफ कठोर नीति
पोम्पियो और हुक ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान ईरान के प्रति कठोर नीति का हिस्सा रहे हैं, जिसमें जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या का ड्रोन हमला शामिल है. यह कदम ईरान के साथ संबंधों को तनावपूर्ण बना दिया था, जिसके परिणामस्वरूप इन नेताओं पर लगातार खतरे बने रहे.

सुरक्षा वापसी का फैसला
मंगलवार को, स्टेट डिपार्टमेंट द्वारा प्रदान की जा रही सुरक्षा को पोम्पियो और हुक से वापस ले लिया गया. इसके एक दिन पहले, ट्रंप ने जॉन आर. बोल्टन, जो उनके तीसरे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार थे, की सीक्रेट सर्विस सुरक्षा भी वापस ली, जिन पर भी ईरान की ओर से खतरा बना हुआ था.

खतरे का आकलन
बाइडेन प्रशासन ने नए ट्रंप प्रशासन को निजी तौर पर सूचित किया था कि ईरान से पूर्व ट्रंप अधिकारियों, जिसमें पोम्पियो, हुक और बोल्टन शामिल हैं, के लिए खतरे बने हुए हैं. बोल्टन ने खुद को भी बाइडेन प्रशासन द्वारा इन खतरों के बारे में सूचित किया गया था, उन्होंने कहा, "अभी हाल ही में पिछले सप्ताह के अंत में, दो अलग-अलग सरकारी प्रतिनिधियों ने दो अलग-अलग सरकारी एजेंसियों से फोन किया. उन्होंने कहा हमारा वर्तमान मूल्यांकन है कि खतरे का स्तर अभी भी वैसा ही है."

ट्रंप की रणनीति
अभी तक, ट्रंप ने खुलकर नहीं बताया है कि वह पोम्पियो और हुक की सुरक्षा क्यों वापस लेना चाहते हैं, जबकि दोनों ने उनके समर्थन का प्रदर्शन किया है. हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि वह अपने पहले कार्यकाल में पोम्पियो के साथ काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को अपने साथ नहीं रखना चाहते हैं. हुक को हाल ही में विल्सन सेंटर फॉर स्कॉलर्स से एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से हटाया गया था.

प्रतिक्रिया
ट्रंप के प्रवक्ता, स्टेट डिपार्टमेंट के अधिकारियों, पोम्पियो और हुक ने इस विषय पर टिप्पणी करने से इनकार किया है. इस निर्णय के पीछे की वास्तविक वजह अभी भी स्पष्ट नहीं है. ट्रंप का यह कदम उनके पूर्व सहयोगियों के लिए खतरा बढ़ाने के साथ-साथ उनकी अपनी सुरक्षा नीतियों को लेकर भी सवाल खड़े करता है.