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'ईरान में हो गया सत्ता परिवर्तन', जंग के बीच डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा; क्या अब हो जाएगा समझौता?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध के बीच यह दावा किया है कि ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है. उन्होंने पुराने शासन को पूरी तरह से तबाह करने की बात कही.

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Shanu Sharma

मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि ईरान में पुराना शासन पूरी तरह से खत्म हो चुका है. इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि अब नए और समझदार लोगों से बातचीत की जा रही है. 

ट्रंप का कहना है कि पहला शासन पूरी तरह से तबाह हो चुका है, वे सब मर चुके हैं. इसके बाद दूसरा शासन भी नियुक्त कर लिया गया था, लेकिन वह भी जा चुका है. अब हम तीसरे शासन के साथ बातचीत की जा रही है. उन्होंने कहा कि अभी सत्ता में काबिज लोग अलग और समझदार है. इसलिए मैं इसे सत्ता परिवर्तन मान रहा हूं और हमारे बीच जल्द ही कोई समझौता हो सकता है.

ट्रंप ने क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति ने मीडिया से बात करते हुए माना कि अमेरिका ने ईरान पर दो बार हमला किया. पहला हमला 2025 में B-2 बमवर्षकों से किया गया. वहीं दूसरा हमला 28 फरवरी को किया गया, जिसके बाद एक महीने से युद्ध चल रहा है. उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध निर्धारित समय से पहले शुरू हो गया. उन्होंने दावा किया कि अब पूरा ईरान तबाह हो चुका है. उन्हें अपने परमाणु हथियार छोड़ने होंगे. ट्रंप ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के बारे में अपने बयान को बदला है.

उन्होंने कहा कि वे हो सकता है जीवित हों, लेकिन गंभीर रूप से घायल हैं,  हालांकि अभी तक उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं है. ट्रंप ने खुशी जताते हुए कहा कि बातचीत के दौरान ईरानियों ने सकारात्मक जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाली कई तेल की नौकाओं को उपहार के रूप में दिया है. ट्रंप ने कहा कि वे बहुत समझदार साबित हो रहे हैं, बहुत जल्द कोई अच्छा समझौता हो सकता है.

ईरान को भेजा 15 प्वाइंट की शांति योजना

ट्रंप ने सऊदी अरब, कतर, UAE, कुवैत और बहरीन की तारीफ की. उन्होंने कहा कि जब ईरान ने इन देशों पर हमला किया तो वे हैरान रह गए, लेकिन उन्होंने बहुत अच्छी जवाबी कार्रवाई की. अमेरिका ने ईरान को 15 प्वाइंट की शांति योजना भेजी है. ईरान ने सीधी बातचीत से इनकार किया है, लेकिन दोस्त देशों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है. पाकिस्तान खुद को मध्यस्थ के रूप में आगे आया है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने सऊदी अरब, मिस्र और तुर्की के मंत्रियों से बात की है.