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India Daily

Russian oil Profits: 'रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए भारत पर...,' व्हाइट हाउस ने बड़े खुलासे के साथ - साथ लगाया ये आरोप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए भारत पर टैरिफ और प्रतिबंध लगाए. अमेरिका ने भारत पर आरोप लगाया कि उसने रूसी तेल से अरबों डॉलर का मुनाफा कमाया और युद्ध को लंबा खींचा. वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और सलाहकार पीटर नवारो ने भारत को मुनाफाखोर बताते हुए आलोचना की.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
Russian oil Profits: 'रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए भारत पर...,' व्हाइट हाउस ने बड़े खुलासे के साथ - साथ लगाया ये आरोप
Courtesy: Social Media

Russian oil Profits: व्हाइट हाउस ने पुष्टि की कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों के तहत भारत पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं. यह कदम ट्रंप की यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से मुलाकात और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ संभावित त्रिपक्षीय बैठक की घोषणा के एक दिन बाद सामने आया.

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर दूसरी बार टैरिफ सहित कई कदम उठाए हैं, ताकि युद्ध को समाप्त करने की दिशा में दबाव बनाया जा सके. उन्होंने कहा कि ट्रंप स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं कि यह युद्ध जल्द समाप्त होना चाहिए. इससे पहले मंगलवार को ट्रंप और जेलेंस्की के बीच मुलाकात हुई थी, जिसे जेलेंस्की ने अब तक की सबसे अच्छी बातचीत बताया. वहीं ट्रंप ने इस मुलाकात को बेहद सफल करार दिया और पुतिन के साथ एक त्रिपक्षीय बैठक की इच्छा जाहिर की.

भारत के सबसे अमीर परिवारों को फायदा 

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भी सवाल उठाते हुए कहा कि भारत ने रूसी तेल व्यापार से अरबों डॉलर का मुनाफा कमाया है. बेसेंट ने आंकड़े देते हुए बताया कि पहले भारत को रूस से 1 प्रतिशत से भी कम तेल मिलता था, जबकि अब यह 42 प्रतिशत तक पहुंच गया है. उन्होंने दावा किया कि भारत ने युद्ध के दौरान तेल को दोबारा बेचकर 16 अरब डॉलर का अतिरिक्त लाभ कमाया, जिससे भारत के सबसे अमीर परिवारों को फायदा हुआ.

चीन और भारत की तुलना 

बेसेंट ने चीन और भारत की तुलना करते हुए कहा कि चीन को रूस से तेल खरीदने पर जुर्माना नहीं लगाया गया क्योंकि भारत का व्यवहार मुनाफाखोरी जैसा है. उन्होंने इसे अस्वीकार्य बताया. वहीं, व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने रूस से ऊर्जा और हथियार खरीद को लेकर भारत की आलोचना की. उन्होंने कहा कि भारत का रूसी तेल व्यापार अवसरवादी और संक्षारक है, जो युद्ध को लंबा खींच रहा है. 

भारत की आर्थिक मदद है वजह

नवारो ने कहा कि भारत की आर्थिक मदद से रूस यूक्रेन पर हमले जारी रख पा रहा है, जबकि अमेरिका और यूरोप को अरबों डॉलर यूक्रेन की रक्षा पर खर्च करने पड़ रहे हैं. नवारो ने अपने लेख में आरोप लगाया कि भारत न केवल रूस से तेल खरीद रहा है बल्कि अमेरिकी निर्यात पर ऊंचे टैरिफ और व्यापार बाधाएं भी लगा रहा है. उन्होंने कहा कि 3 लाख से अधिक सैनिक और नागरिक युद्ध में मारे जा चुके हैं और नाटो का पूर्वी हिस्सा असुरक्षित हो रहा है.

भारत पर टैरिफ में बढ़ोत्तरी

ट्रंप ने पहले भारत पर टैरिफ को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया था और कहा था कि भारत रूस से तेल खरीदकर युद्ध मशीन को ईंधन दे रहा है. उन्होंने दावा किया कि उनके टैरिफ फैसले ने पुतिन को उनसे मिलने के लिए प्रेरित किया.