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India Daily

व्हाइट हाउस में पहली बार पहुंचेगे सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा, जानें ट्रंप से मुलाकात क्यों है अहम

सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा 10 नवंबर को व्हाइट हाउस पहुंचेंगे. यह किसी सीरियाई राष्ट्रपति का पहला अमेरिकी दौरा होगा. मुलाकात के दौरान सीरिया के अमेरिका-नेतृत्व वाले ISIS विरोधी गठबंधन में शामिल होने की उम्मीद है. इसके अलावा सीरिया और इजराइल के बीच शांति वार्ता पर भी चर्चा हो सकती है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
व्हाइट हाउस में पहली बार पहुंचेगे सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा, जानें ट्रंप से मुलाकात क्यों है अहम
Courtesy: @theprayagtiwari x account

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहली बार सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा की मेजबानी करने जा रहे हैं. यह ऐतिहासिक मुलाकात 10 नवंबर को व्हाइट हाउस में होने की संभावना है. किसी सीरियाई राष्ट्रपति का यह पहला व्हाइट हाउस दौरा होगा. माना जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान सीरिया अमेरिका की अगुवाई वाले गठबंधन में शामिल हो सकता है जो इराक और सीरिया में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ लड़ रहा है.

यह विकास ऐसे समय में हुआ है जब अल-शरा ने सितंबर में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित किया था. दोनों नेताओं की इससे पहले मई में सऊदी अरब में मुलाकात हुई थी. यह 25 सालों में अमेरिका और सीरिया के शीर्ष नेतृत्व के बीच पहली आधिकारिक बातचीत थी. आखिरी बार 2000 में पूर्व सीरियाई प्रधानमंत्री हाफिज असद ने जिनेवा में अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन से मुलाकात की थी.

क्या है अहमद अल-शरा का अतीत?

43 वर्षीय अहमद अल-शरा का अतीत विवादित रहा है. सऊदी अरब में जन्मे अल-शरा पहले अल-कायदा इन इराक से जुड़े रहे थे और 2003 से तीन साल तक विद्रोह में लड़े. 2006 में उन्हें अमेरिकी सेनाओं ने गिरफ्तार किया था और 2011 तक वे हिरासत में रहे. उस दौरान अमेरिका ने उनके सिर पर 10 मिलियन डॉलर का इनाम भी घोषित किया था.

कब बने सीरिया के राष्ट्रपति?

रिहाई के बाद अल-शरा ने सीरियाई क्रांति में हिस्सा लिया और 2012 में अल-नुसरा फ्रंट की स्थापना की. हालांकि, 2016 में उन्होंने अल-कायदा से संबंध तोड़ लिए और पश्चिमी देशों से मान्यता पाने की दिशा में कदम बढ़ाया. 2017 से जनवरी 2025 तक वे हयात तहरीर अल-शाम (HTS) के प्रमुख रहे. दिसंबर 2024 में बशर अल-असद के रूस भागने के बाद, अमेरिकी समर्थन से वे सीरिया के राष्ट्रपति बने.

अमेरिकी विशेष दूत ने क्या बताया?

अमेरिकी विशेष दूत टॉम बर्राक के अनुसार, वाशिंगटन 2014 से सीरिया को ISIS विरोधी गठबंधन में शामिल करने की कोशिश कर रहा था. वर्तमान में ISIS सीरिया के कुछ हिस्सों में सक्रिय है और असद शासन के पतन के बाद फिर से संगठित होने की कोशिश कर रहा है. बर्राक ने कहा, 'यह गठबंधन सीरिया के लिए एक बड़ा मौका है और हम सभी को इसमें जोड़ना चाहते हैं.' अल-शरा की व्हाइट हाउस यात्रा के दौरान सीरिया और इजराइल के बीच तनाव कम करने पर भी चर्चा हो सकती है. सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में शांति समझौते पर बातचीत अंतिम चरण में है.