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'यह हमला करने का आखिरी मौका था...', ट्रंप ने बताया ईरान से कितना लंबा चलेगा युद्ध

राष्ट्रपति ने संघर्ष के दौरान मारे गए चार अमेरिकी सैनिकों का भी उल्लेख किया और कहा कि उनकी कुर्बानी को ध्यान में रखते हुए अभियान को पूरी दृढ़ता से जारी रखा जाएगा.

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Sagar Bhardwaj

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान पर हमला करना अमेरिका के लिए “आखिरी और सबसे सही मौका” था. उन्होंने दावा किया कि ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम से पैदा हो रहे खतरे को रोकने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी.

खतरनाक सरकार को रोकना जरूरी था

व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम में ट्रंप ने कहा कि ईरान तेजी से परमाणु हथियार और लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता बढ़ा रहा था. उनके मुताबिक यदि समय रहते कदम नहीं उठाया जाता, तो यह खतरा केवल मध्य पूर्व ही नहीं बल्कि अमेरिका के लिए भी गंभीर हो जाता. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इस खतरे को खत्म करने के लिए सैन्य अभियान शुरू किया.

ट्रंप के अनुसार, अमेरिका लंबे समय से यह चाहता था कि ईरान क्षेत्र के उग्रवादी संगठनों को समर्थन देना बंद करे. उन्होंने कहा कि यह अभियान उसी रणनीति का हिस्सा है, ताकि ईरान की सैन्य क्षमता और प्रभाव को कमजोर किया जा सके.

लंबा खिंच सकता है युद्ध

राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि यह सैन्य अभियान जल्दी खत्म भी हो सकता है और लंबा भी खिंच सकता है. उन्होंने बताया कि शुरुआती अनुमान चार से पांच सप्ताह का था, लेकिन हालात के अनुसार अवधि बढ़ सकती है. ट्रंप ने कहा कि युद्ध की दिशा और समयसीमा सैन्य जरूरतों और रणनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी.

ईरानी सैन्य ढांचे पर हमले का दावा

ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने अब तक ईरान की समुद्री और सैन्य क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने दावा किया कि ईरान के कई सैन्य जहाज नष्ट किए जा चुके हैं और बड़े पैमाने पर ऑपरेशन जारी है. उनके मुताबिक यह कार्रवाई अमेरिका और उसके सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है.

अमेरिकी सैनिकों की मौत का जिक्र

राष्ट्रपति ने संघर्ष के दौरान मारे गए चार अमेरिकी सैनिकों का भी उल्लेख किया और कहा कि उनकी कुर्बानी को ध्यान में रखते हुए अभियान को पूरी दृढ़ता से जारी रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने नागरिकों और हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा.

कुल मिलाकर, ट्रंप के बयान से साफ है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को निर्णायक मान रहा है. हालांकि युद्ध की अवधि और परिणाम अभी अनिश्चित हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव फिलहाल कम होने के संकेत नहीं दिख रहे.