अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय काफी दबाव में हैं. मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष का साइड इफेक्ट उनपर पड़ना शुरू हो गया है. हालांकि जब ट्रंप ने इस जंग की शुरुआती की थी तो शायद यह सोचा नहीं था कि यह जंग इतनी लंबी हो सकती है, लेकिन हर अगले दिन ईरान और भी ज्यादा घातक होता जा रहा है. जिसके कारण डोनाल्ड ट्रंप की टेंशन भी बढ़ती जा रही है. इस समय दूसरे देशों के साथ-साथ डोनाल्ड ट्रंप को अपने देश के लोगों का भी सामना करना पड़ रहा है. मिड टर्म चुनाव से पहले घरेलू राजनीति बदलती जा रही है.
अमेरिकी सांसदों का कहना है कि उन्होंने ईरान पर हमला करने से पहले कोई भी औपचारिक मंजूरी नहीं ली. विपक्ष ने उनपर आरोप लगाया है कि राष्ट्रपति ने देश को किसी की सहमति के बिना एक संघर्ष में झोक दिया है. खास बात यह है कि यह ना केवल विपक्ष बल्कि कुछ खुद ट्रंप के समर्थक भी लगा रहे हैं. उनका कहना है कि 'अमेरिका फर्स्ट' का मतलब था कि विदेशी युद्धों से अमेरिका की दूरी. लेकिन उनके इस फैसले ने आम आदमी के जीवन को प्रभावित कर दिया. इस मुद्दे को और बेहतर तरीके से समझने के लिए आप इस वीडियो को देख सकते हैं.