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वॉशिंगटन DC की दीवार पर दिखाए गए ट्रंप-एपस्टीन के वीडियो और सीक्रेट फाइल्स, मची सनसनी

वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर से पहले एक अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शन हुआ. प्रदर्शनकारियों ने वॉशिंगटन हिल्टन पर ट्रंप और जेफरी एपस्टीन के संबंधों वाले विजुअल्स प्रोजेक्ट किए. इसने आगामी आयोजन और ट्रंप की शिरकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: वॉशिंगटन डीसी के राजनीतिक गलियारों में हलचल देखी गई. प्रतिष्ठित वॉशिंगटन हिल्टन होटल की बाहरी दीवारों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दिवंगत कुख्यात जेफरी एपस्टीन के संबंधों को दर्शाते विजुअल्स और दस्तावेज प्रोजेक्ट किए गए. यह प्रदर्शन व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर से ठीक पहले हुआ, जहां ट्रंप की उपस्थिति ने पहले ही मीडिया और राजनीतिक हलकों में विवाद पैदा कर दिया है. 

प्रदर्शन का अनोखा तरीका और कुख्यात एपस्टीन कनेक्शन वॉशिंगटन हिल्टन की इमारत को एक विशाल पर्दे के रूप में इस्तेमाल करते हुए प्रदर्शनकारियों ने एपस्टीन से जुड़ी तस्वीरों और दस्तावेजों की प्रदर्शनी लगा दी. इन विजुअल्स के साथ एपस्टीन के ईमेल्स की रीडिंग वाले ऑडियो क्लिप्स भी बजाए गए, जिन्हें सुनकर वहां मौजूद भीड़ पूरी तरह दंग रह गई. यह विरोध प्रदर्शन 24 अप्रैल को हुआ, जिसका उद्देश्य दुनिया के सबसे शक्तिशाली मीडिया जमावड़े से पहले राष्ट्रपति और एपस्टीन के कथित पुराने रिश्तों की ओर जनता और प्रेस का ध्यान खींचना था.

व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर की अहमियत और परंपरा 

यह वार्षिक डिनर व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित किया जाता है. जो प्रेस की आजादी के जश्न का प्रतीक है. इसमें आमतौर पर सत्तासीन राष्ट्रपति शामिल होते हैं, लेकिन ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान अक्सर इस परंपरा को नजरअंदाज किया. इस साल उनकी वापसी को एक बड़े राजनीतिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. पद पर रहते हुए ट्रंप का यह पहला डिनर होगा, क्योंकि उन्होंने 2025 में भी इस आयोजन से दूरी बनाकर रखी थी.

राष्ट्रपति ट्रंप और मीडिया के बीच पुरानी तल्खी

डोनाल्ड ट्रंप और मुख्यधारा के पत्रकारों के बीच संबंध हमेशा से विवादित रहे हैं. वे अक्सर कवरेज को फेक न्यूज कहकर खारिज करते आए हैं. हाल ही में ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि प्रेस उनके प्रति बेहद खराब रही है. ट्रंप ने मीडिया संगठनों पर कई मुकदमे भी किए हैं और व्यक्तिगत रूप से पत्रकारों को निशाना बनाया है. उनके प्रशासन ने एसोसिएटेड प्रेस जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं पर भी कई तरह के कड़े प्रतिबंध लगाकर मुश्किलें खड़ी की थीं.

ट्रंप को आमंत्रित करने के फैसले ने कई प्रमुख न्यूजरूम्स के भीतर असंतोष की लहर पैदा कर दी है. सैकड़ों पत्रकारों ने एक खुले पत्र पर हस्ताक्षर कर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं. वे चाहते हैं कि इस डिनर में शामिल होने वाले पत्रकार ट्रंप की प्रेस-विरोधी नीतियों का डटकर सामना करें. पत्रकारों का तर्क है कि मीडिया की आजादी को दबाने वाले व्यक्ति का सम्मान करना नैतिकता के खिलाफ है. यह विरोध प्रदर्शन इसी गुस्से और असंतोष का एक सार्वजनिक और प्रभावी रूप है.

ट्रंप और प्रेस के बीच जटिल और विरोधाभासी रिश्ता 

हालांकि ट्रंप और मीडिया के बीच कड़वाहट जगजाहिर है. फिर भी उनका रिश्ता बेहद जटिल रहा है. ट्रंप अक्सर पत्रकारों के साथ सीधे संवाद का रास्ता खुला रखते हैं और कई बार अपने निजी फोन पर उनके कॉल का जवाब भी देते हैं. राष्ट्रपति के रूप में यह भले ही उनका पहला डिनर हो. लेकिन वे 2011 में एक मेहमान के तौर पर इसमें शामिल हो चुके हैं. यह विरोधाभास दर्शाता है कि ट्रंप और मीडिया की यह लड़ाई केवल राजनीतिक नहीं. बल्कि व्यक्तिगत और गहरी है.