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'महिलाओं के खेलों से पुरुषों को दूर रखें', पेरिस ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट पर फिर बरसे ट्रंप

Donald Trump: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से पेरिस ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक हासिल करने वाले दो एथलीट्स की निंदा की है. उन्होंने कहा है कि महिलाओं के खेलों से पुरुषों को दूर रखा जाना चाहिए. हालांकि ट्रंप ने अपने बयान में किसी एथलीट का नाम नहीं लिया.

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'महिलाओं के खेलों से पुरुषों को दूर रखें', पेरिस ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट पर फिर बरसे ट्रंप
Courtesy: Social Media

Donald Trump: पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को फिर से ओलंपिक गेम्स में गोल्ड मेडल हासिल करने वाले दो एथलीटों की निंदा की है.  उन्होंने महिला मुक्केबाजों को पुरुष मुक्केबाज कहा.  ट्रंप ने पेन्सिलवेनिया में एक चुनावी रैली में बोलते हुए यह टिप्पणी की और कहा कि महिलाओं के खेलों से पुरुषों को दूर रखना चाहिए. 

उन्होंने हाल ही में संपन्न ओलंपिक गेम्स और दो एथलीटों के मामले की ओर सबका केंद्रित किया. यह एथलीट अपने जेंडर को लेकर अंतर्राष्ट्रीय जांच का विषय बन गए थे. ट्रंप लंबे समय से अपनी रैलियों में ट्रांसजेंडर लोगों की आलोचना करते रहे हैं और विशेष रूप से ट्रांसजेंडर एथलीटों पर ध्यान केंद्रित करते हुए लिंग पहचान के बारे में ऐसी भाषा का प्रयोग करते रहे हैं, जिसे LGBTQ अधिवक्ता गलत और हानिकारक मानते हैं.

महिलाओं के लिए बहुत अपमानजनक बात

ट्रंप ने अपने बयान में एथलीटों का नाम तो नहीं लिया लेकिन कहा कि ओलंपिक में उनके दो ट्रांजिशन हुए थे. ट्रंप ने कहा कि वे पुरुष थे. उन्होंने महिलाओं के रूप में खुद को प्रतिस्पर्धा में शामिल किया.  ट्रंप और अन्य प्रमुख हस्तियों ने खलीफ को प्रतिस्पर्धा में भाग लेने की अनुमति दिए जाने के बारे में शिकायत की है और ट्रंप ने पहले भी खलीफ को एक पुरुष के रूप में संदर्भित किया है.शनिवार को उन्होंने फिर ऐसा किया और खेलों में भाग ले रहे दोनों एथलीटों को पागल बताते हुए कहा कि यह महिलाओं के लिए बहुत अपमानजनक बात है. 

क्या है पेरिस ओलंपिक का जेंडर विवाद? 

हाल ही में हुए ओलंपिक खेलों में अल्जीरिया की एथलीट इमान खलीफ और ताइवान के ली यू टिंग को अपने जेंडर को लेकर गलत धारणाओं का सामना करना पड़ा है. दरअसल यह धारणाएं इसलिए बनी क्योंकि ओलंपिक खेलों में भाग लेने से पहले उन्हें अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ के द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया था.  मुक्केबाजी संघ के जेंडर एलिजिबिलिटी टेस्ट में फेल होने के बाद कथित रूप से दोनों मुक्केबाजों को वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग लेने से बैन कर दिया गया था लेकिन ओलंपिक कमेटी ने दोनों को पेरिस में खेलने की अनुमति दी थी. इन दोनों ही खिलाड़ियों ने पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक अपने नाम किया है.