Recognition Of Palestine: एक ऐतिहासिक कदम के तहत, यूनाइटेड किंगडम (UK) और कनाडा ने रविवार को संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) और इजरायल के विरोध के बावजूद फिलिस्तीन को मान्यता दे दी. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के ऑफिस ने कहा कि ओटावा मध्य पूर्व में स्थायी शांति के लिए टू-स्टेट का समर्थन करता है और कहा कि संप्रभु, लोकतांत्रिक और व्यवहार्य फिलिस्तीन राज्य का निर्माण क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है.
कनाडा ने की हमास और इजरायल की आलोचना
कनाडा ने इजरायल और हमास की आलोचना करते हुए कहा कि जहां हमास ने इजरायल में लोगों को आतंकित किया है, वहीं तेल अवीव ने गाजा में लोगों पर अत्याचार किया है. कनाडा ने हमास से बंधकों को रिहा करने की भी गुजारिश की. कनाडा के ऑफिस ने कहा, 'हमास ने फिलिस्तीनी लोगों की चोरी की है. उनके जीवन की आजादी को धोखा दिया है और वह किसी तरह से उनके भविष्य को निर्धारित नहीं कर सकता है.'
कार्नी के ऑफिस ने आगे इजरायल की भी आलोचना करते हुए कहा कि तेल अवीव फिलिस्तीन की स्थापना को रोकने के लिए सुनियोजित ढंग से काम कर रहा है. उन्होंने इजरायल पर गाजा के हजारों नागरिकों की हत्या करने और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया.
स्टार्मर ने कहा कि शांति की उम्मीद जगाएं
ब्रिटेन द्वारा फिलिस्तीन को मान्यता दिए जाने के बाद प्रधानमंत्री स्टारमर ने कहा कि वह फिलिस्तीन और इजरायल में शांति की आशा को पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रहे हैं. एक वीडियो संबोधन में उन्होंने फिलिस्तीन को मान्यता देने के ब्रिटेन के कमम की घोषणा की और कहा कि मध्य पूर्व में शांति के लिए टू-स्टेट समाधान आवश्यक है.
स्टार्मर ने कहा कि आज शांति और टू-स्टेट समाधान की आशा को पुनर्जीवित करने के लिए मैं इस महान देश के प्रधानमंत्री के रूप में स्पष्ट रूप से घोषणा करता हूं कि ब्रिटेन औपचारिक रूप से फिलिस्तीन राज्य को मान्यता देता है.
JUST IN: 🇬🇧🇵🇸 UK officially recognizes the State of Palestine.
— BRICS News (@BRICSinfo) September 21, 2025
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अमेरिका और इजरायल ने किया विरोध
हालांकि फिलिस्तीन को मान्यता देने के लिए उनके फैसले को अमेरिका और इजरायल के विरोध का सामना करना पड़ा. अमेरिका और इजरायल दोनों ही टू-स्टेट समाधान के खिलाफ हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हफ्ते ब्रिटेन की अपनी राजकीय यात्रा पर खुले तौर पर इस बात पर अपनी सहमति जताई थी.