AI से बनी नकली तस्वीरों से लोग ले रहे रिफंड, चीन में बढ़ा फर्जी रिफंड मामला

चीन में ऑनलाइन मार्केट तेजी से एक नई समस्या का सामना कर रहा है. खरीदार एआई की मदद से प्रोडक्ट की नकली खराब तस्वीरें बनाकर फर्जी रिफंड ले रहे हैं.

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Reepu Kumari

नई दिल्ली: ऑनलाइन शॉपिंग में एआई तकनीक ने जहां खरीदारी को आसान बनाया है, वहीं इसका गलत इस्तेमाल चीन में एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है. कई खरीदार अब प्रोडक्ट में खामी दिखाने के लिए एआई से नकली तस्वीरें तैयार कर रहे हैं, ताकि बिना वजह रिफंड लिया जा सके. इससे ई-कॉमर्स विक्रेताओं को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है. डबल 11 जैसे बड़े सेल इवेंट्स के दौरान विक्रेताओं ने बताया कि फर्जी तस्वीरों की संख्या अचानक बढ़ गई है.

कई बार इन्हें देखकर लगता है कि सामान खराब है, लेकिन बाद में पता चलता है कि वे AI एडिटिंग का नतीजा हैं. इससे न सिर्फ सिस्टम की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है बल्कि असली खरीदारों और विक्रेताओं के बीच विश्वास भी कम हो रहा है.

फर्जी तस्वीरों का बढ़ता इस्तेमाल

डबल 11 फेस्टिवल के दौरान कई sellers ने बताया कि खरीदार AI से एडिट की गई ऐसी तस्वीरें भेज रहे थे, जिनमें प्रोडक्ट टूटा, जला या खराब दिख रहा था. जांच में सामने आया कि अधिकांश तस्वीरें असली नहीं थीं. इस ट्रेंड ने ऑनलाइन रिटेलर्स को सावधान कर दिया है और वे अब किसी भी रिफंड रिक्वेस्ट को स्वीकार करने से पहले फोटो की सटीकता जांचने लगे हैं.

कैसे बनाई जा रही हैं नकली खामियां

खरीदार ताजे फलों को AI के जरिए सड़े हुए दिखा देते हैं, कपड़ों में नकली धागे ढीले दिखा देते हैं और इलेक्ट्रॉनिक्स को जंग लगा हुआ दिखाते हैं. एक मामले में ग्राहक ने इलेक्ट्रिक टूथब्रश की ऐसी तस्वीर भेजी जो बाद में पूरी तरह एआई जनरेटेड पाई गई. कपड़ों की दुकानों को भी अक्सर ऐसी ही झूठी शिकायतों का सामना करना पड़ रहा है.

वीडियो मांगने पर खुल जाते हैं कई झूठ

धोखाधड़ी की आशंका होने पर जब कुछ sellers ने फोटो के साथ वीडियो भी मांगा, तब कई खरीदार तुरंत अपना रिफंड रिक्वेस्ट वापस ले लेते थे. एक सिरेमिक मग बेचने वाले ने AI डिटेक्शन टूल से पता लगाया कि उसे भेजी गई तस्वीर 92% संभावना के साथ AI जनरेटेड थी. ऐसे मामलों ने विक्रेताओं को और सतर्क कर दिया है.

‘भेड़ कतरने वाले’ का चलन बढ़ा

चीन में ऐसे लोगों को ‘Sheep Shearers’ कहा जाता है—वे जो सिस्टम की कमियों का फायदा उठाकर बिना प्रोडक्ट लौटाए रिफंड ले लेते हैं. विक्रेताओं का कहना है कि रिफंड नीतियां अक्सर खरीदार के पक्ष में रहती हैं, जिससे धोखेबाज आसानी से फायदा उठा लेते हैं. इससे genuine sellers का नुकसान और बढ़ जाता है.

प्लेटफॉर्म्स की नई सख्ती

ताओबाओ और टीमॉल ने “केवल रिफंड” विकल्प को हटाने के साथ खरीदारों के लिए एक नया क्रेडिट स्कोर सिस्टम भी शुरू किया है. इससे बार-बार फर्जी दावे करने वालों की पहचान आसान होगी. चीन में 1 सितंबर से लागू नियम के तहत हर AI-जेनरेटेड फोटो, वीडियो या कंटेंट को स्पष्ट रूप से AI बताना अनिवार्य हो गया है, ताकि यह धोखाधड़ी रोकी जा सके.