सेसेंक्स 750 अंक उछाला, Nifty 23300 के करीब; जानिए बाजार पलटने के 4 बड़े कारण
शुरुआती गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में शानदार रिकवरी हुई. निचले स्तरों पर वैल्यू बाइंग बैंकिंग शेयरों में मजबूती और मजबूत टेक्निकल सपोर्ट मिलने से सेंसेक्स-निफ्टी सुबह का सारा नुकसान भुलाकर वापस हरे निशान में लौट आए.
मुंबई: गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में गजब का यू-टर्न देखने को मिला. सुबह के समय बाजार की शुरुआत काफी कमजोरी के साथ हुई थी और बिकवाली के दबाव के चलते निवेशकों में थोड़ी घबराहट थी. लेकिन इसके बाद बाजार ने शानदार रिकवरी की और निचले स्तरों पर आई जोरदार खरीदारी की बदौलत सेंसेक्स-निफ्टी दोनों ही हरे निशान में वापस लौट आए.
सुबह की गिरावट और दोपहर की शानदार वापसी
सुबह के कारोबारी सत्र में बाजार पर मंदी का असर था जिससे सेंसेक्स करीब 464 अंक नीचे लुढ़क गया और निफ्टी में भी लगभग 143 अंकों की गिरावट आ गई. हालांकि यह गिरावट ज्यादा देर नहीं टिकी. दोपहर तक बाजार ने पूरी तरह पासा पलट दिया. सेंसेक्स निचले स्तरों से सुधरकर 300 अंकों से ज्यादा की बढ़त के साथ ट्रेड करने लगा और निफ्टी भी हरे निशान में आ गया. इस रिकवरी से साफ हो गया कि जब भी शेयर सस्ते हो रहे हैं निवेशक खरीदारी करने का मौका नहीं छोड़ रहे हैं.
बाजार में वापसी की बड़ी वजहें
बाजार के इस तरह पलटने के पीछे कुछ मुख्य कारण रहे:
Also Read
वैल्यू बाइंग: जब सुबह के समय अच्छे शेयरों की कीमतें नीचे आईं तो निवेशकों ने इसे एक बढ़िया मौके की तरह देखा. उन्होंने मजबूत कंपनियों के शेयर कम दामों पर खरीदना शुरू कर दिया जिससे बाजार में अचानक डिमांड बढ़ गई.
बैंकिंग शेयरों का दम: इस रिकवरी में बैंकिंग सेक्टर खासकर आईसीआईसीआई बैंक ने बहुत बड़ा सहारा दिया. इसके मजबूत प्रदर्शन ने पूरे बाजार का मूड बदल दिया.
टेक्निकल सपोर्ट: मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी के लिए 23,000 से 23,200 का लेवल एक बेहद मजबूत सपोर्ट जोन था. जैसे ही निफ्टी इस दायरे के पास पहुंचा वहां खरीदार एक्टिव हो गए और बाजार को और गिरने से बचा लिया.
ग्लोबल संकेत और कम हुआ डर: अमेरिकी बाजारों के फ्यूचर्स से अच्छे संकेत मिल रहे थे जिससे भारतीय निवेशकों का हौसला बढ़ा. इसके अलावा बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला 'इंडिया विक्स' भी नीचे आ गया जिसका मतलब है कि निवेशकों की घबराहट कम हुई और बाजार में स्थिरता आई.
कुल मिलाकर शुरुआती झटके के बावजूद भारतीय बाजार ने अपनी मजबूती दिखाई और सूझबूझ भरी खरीदारी के दम पर शानदार बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब रहा.